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भवानीसिंह राठौड़@बाड़मेर. अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे बाड़मेर जिले में सुरक्षा के मद्देनजर पब्लिक टेलीफोन बूथ(पीसीओ) से होने वाले अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल पर निगरानी का आदेश जारी कर कागजी घोड़े दौडाए जा रहे हैं। यहां भारत संचार निगम लिमिटेड( बीएसएनएल ) के एसटीडी-पीसीआे कई वर्ष पहले बंद हो चुके हैं। जिले में एक भी एसटीडी पीसीओ नहीं है इसके बावजूद जिला प्रशासन समय-समय पर आदेश जारी कर अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल इन्द्राज करवाने के निर्देश जारी कर रहा है। डिजिटल युग में अब व्हाट्सएप व अन्य सोशल साइट्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय कॉल हो रहे हंै।
कई साल पहले कॉल होते थे इन्द्राज
कई साल पहले जिले में एसटीडी-पीसीओ पर अंतरराष्ट्रीय कॉल इन्द्राज होते थे। इसके लिए पीसीओ पर बाकायदा रजिस्टर रखा जाता था। जिसमें कॉल करने से पहले सम्पूर्ण जानकारी दर्ज होती थी। फोन करने वाले का आइडी प्रूफ व कॉल करने का कारण भी इन्द्राज किया जाता था। कभी जरूरत होने पर रजिस्टर की सुरक्षा एजेंसियां जांच भी करती थी।
पुलिस भी रखती थी नजर
अंतरराष्ट्रीय कॉल पर निगरानी के लिए सीमावर्ती क्षेत्र के सेड़वा, चौहटन, रामसर, बिजराड़, बाखासर, गडरारोड व गिराब पुलिस थानों के प्रभारी को जिम्मेदारी सौंपी जाती थी। वे अपने क्षेत्र में एसटीडी पीसीओ पर पहुंचकर जानकारी जुटाते थे। थानाधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया बहुत साल पहले थी, अब ऐसा कुछ नहीं है।
अब यों होते हैं कॉल
अब अंतरराष्ट्रीय कॉल मोबाइल के जरिए होते हंै। वहीं सूचनाओं का आदान-प्रदान व्हाट्सएप कॉल के जरिए होता है, जिसे रोकना पुलिस के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है।
जिले में 800 से अधिक थे एसटीडी-पीसीओ
बाड़मेर जिले में 2004 में मोबाइल सेवा शुरू कर बीएसएनएल ने सिमकार्ड जारी किए। वर्ष 2006 में अन्य निजी कंपनी मैदान में आईं। इसके बाद एसटीडी पीसीओ बंद होना शुरू हो गए। वर्ष 2004 से पहले जिले में करीब 800 एसटीडी पीसीओ थे, धीरे-धीरे सब बंद हो गए।
कहीं नहीं है एसटीडी पीसीओ
वर्तमान में जिले में एक भी एसटीडी पीसीओ नहीं है। वो तो कभी बंद हो गए थे। इंटरनेट व मोबाइल फोन चलन में आने के बाद बूथ बंद होने शुरू हो गए थे।। - अनिल कुमार तिवारी, टीडीएम, बीएसएनएल, बाड़मेर
Published on:
24 Apr 2019 07:30 am
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