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विधिक बाट माप विभाग की ओर से दुकानदारों व ठेला संचालकों सहित अन्य व्यापारियों के बाट माप का सत्यापन नहीं करने से कई लोग आज भी पुराने बाट से सामान तौल रहे हैं। ऐसे में प्रतिदिन हजारों उपभोक्ता अनजाने में ठगे जाते हैं। पत्रिका टीम ने मंगलवार को शहर के विभिन्न स्थानों पर सामान बेचने वाले ठेला संचालकों के बाट व कांटे को देखा तो अधिकांश बाट के नीचे सीसा व विभाग की ओर से प्रमाणित की गई सील ही गायब थी।
क्यों लगाया जाता है सीसा
लोहे के बाट का तौल प्रमाणिक करने से पहले विभाग के मानक से तौला जाता है। जितना तौल कम होता है उतना सीसा बाट के नीचे भरा जाता है ताकि तौल पूरा हो। इसी सीसे को बाट से गायब किया जा रहा है।
विभाग की कार्रवाई फौरी
विभाग की ओर से समय-समय पर कांटा बाट की जांच नहीं करने पर दुकानदारों के हौंसले बुलंद हैं। वे बिना किसी भय के उपभोक्ता को कम सामान तोलकर अधिक रुपए वसूल रहे हैं। प्रति किलो में 100 से 200 ग्राम तक सामान कम मिलता है, लेकिन उपभोक्ता बिना किसी जानकारी के सामान खरीद कर ले जाते हैं।
सत्यापन नहीं करवाने पर 5000 जुर्माना
विधिक बाट व माप विभाग की ओर से कार्रवाई के दौरान कांटा बाट का सत्यापन नहीं मिलने पर दुकानदार का 5000 का चालान काटने का अधिकार है।
अधिकारी एक जिले दो
विधिक बाट व माप विभाग में कार्यरत अधिकारी के पास बाड़मेर व जैसलमेर दोनों जिलों का चार्ज होने के कारण भी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं। इसके साथ विभाग की ओर से लगाए गए शिविरों में अधिकांश व्यापारियों ने रूचि नहीं ली।
यहां पर देखी व्यवस्थाएं
पत्रिका टीम ने शहर के स्टेशन रोड, रेलवे स्टेशन, गांधी चौक, पुरानी सब्जी मंडी, जवाहर चौक, चौहटन रोड रेलवे फाटक, रैन बसेरा व चौहटन चौराहे पर खड़े फल व सब्जी विक्रेताओं में कांटे बाट का निरीक्षण कि या तो कई दुकानदार अपने बाट छिपाने लगे।
बिना प्रमाणिक तोल रहे सामान
अधिकांश व्यापारी व ठेला संचालक बिना कांटा बाट का सत्यापन करवाए सामान तोलकर उपभोक्ता को दे रहे हैं, जबकि प्रतिवर्ष कांटे व बाट का सत्यापन करवाना जरूरी है।
करेंगे कार्रवाई
कांटा बाट के सत्यापन के लिए शहर में 3 स्थानों पर शिविर लगाए गए थे इसके बाद भी व्यापारियों ने सत्यापन नहीं करवाया तो गलत है। जल्द ही टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी।-धीराराम पोटलिया, विधिक बाट व माप विज्ञान अधिकारी
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