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बाड़मेर. तीन साल बाद आखिर सरकार ने फाइलों में चल रहे बाड़मेर इंजीनियरिंग कॉलेज को इसी सत्र से शुरू करने का मानस बना लिया है। यहां शनिवार को प्राचार्य नियुक्ति के साथ ही 26 करोड़ रुपए की स्वीकृति कॉलेज के लिए मिली है। फिलहाल यह पॉलीटेक्निक कॉलेज के परिसर में शुरू होगा और इसके लिए उत्तरलाई के पास 50 बीघा जमीन प्रशासन ने आवंटित कर दी है।
तीन साल पहले बाड़मेर में इंजीनियरिंग कॉलेज की घोषणा केन्द्र सरकार ने की थी लेकिन यह मामला फाइलों में ही चलता रहा। न तो प्रिंसिपल नियुक्त हुए और न ही अन्य कोई सुविधा। इसको लेकर सरकार अब गंभीर हुई है। शनिवार को यहां प्राचार्य ने प्राचार्य ने कार्यभार ग्रहण किया है।
विषय सीटें
पेट्रो केमिकल- 60
इलेक्ट्रिकल- 60
मैकेनिकल- 60
इलेक्ट्रोनिक-60
सिविल इंजीनियरिंग-60
कुल- 300
इसी सत्र से होंगे प्रवेश
रीप के तहत केन्द्रीय परीक्षा होगी। इसके बाद सीट आवंटित की जाएगी। बाड़मेर कॉलेज के लिए इसी सत्र से सीट मिलेंगी। यहां पॉलीटेक्निक कॉलेज में ही इसकी पढ़ाई जुलाई में प्रारंभ हो जाएगी। परिसर में युवक युवतियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल होंगे।
मॉडल बनेगा बाड़मेर कॉलेज
इसका संचालन इंजिनीयरिंग कॉलेज संचालन सोसायटी बीकानेर करेगी जो पहले भरतपुर और ई गवर्नेस में सफल रही है। साथ ही पश्चिमी राजस्थान के लिए तकनीकी शिक्षा में उच्च गुणवत्ता के लिए इसी सत्र से बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इस विश्वविद्यालय से यह कॉलेज संबद्ध होगा। यहां के कुलपति प्रो एच डी चारण ने बाड़मेर कॉलेज को मॉडल कॉलेज बनाने के निर्देश दिए हैं।
तीन साल में बन जाएगा भवन
राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान के तहत 26 करोड़ रुपए भवन निर्माण और संसाधनों के लिए बाड़मेर इंजीनियरिंग कॉलेज को जारी किए गए हैं। इससे भवन का निर्माण किया जाएगा। तीन साल में यह निर्माण कार्य पूर्ण कर कॉलेज प्रारंभ होगा।
प्लेसमेंट का होगा प्रबंध
बाड़मेर में पेट्रोकेमिकल व सोलर प्लांट की संभावनाएं सर्वाधिक हैं। इसके अलावा तेल, कोयला और सोलर को लेकर यहां कंपनियां लगातार आ रही हैं। एेसे में यहां प्लेसमेंट का कार्य भी प्रारंभ किया जाएगा ताकि इनमें प्रशिक्षण प्राप्त कर नौकरी भी हासिल कर सकें।
पत्रिका ने उठाया था मुद्दा
रिफाइनरी के कार्यारंभ को लेकर 16 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पचपदरा आए तब पत्रिका ने मुदद उठाया था कि पेट्रोकेमिकल विषय भी सरकार ने प्रारंभ नहीं किया गया है और तीन साल से कॉलेज की फाइल अटकी है। एेसे में यहां इंजीनियरिंग कॉलेज को लेकर मांग अधूरी है।
मॉडल होगा कॉलेज
आज ही ज्वाइन किया है। बाड़मेर का कॉलेज मॉडल होगा। इसके लिए कार्य प्रारंभ किया जा रहा है। यहां पर प्रवेश इसी सत्र में होंगे और तीन सौ सीट पर प्रवेश लेने के साथ जुलाई में पढ़ाई भी प्रारंभ हो जाएगी। सरकार की मंशा के अनुसार तेजी से कार्य होगा।-डा.संदीप रांकावात, प्राचार्य बाड़मेर इंजीनीयरिंग कॉलेज
Published on:
22 Apr 2018 12:06 pm
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