
Procreative in Rajasthan
राजस्थान में केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से प्रसूताओं की विभिन्न नकद राशि वितरण योजनाओं का पैसा 2300 से ज्यादा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (पीएचसी) में भी सीधे बैंक खाते (ऑनलाइन) में जाएगा।.
अभी तक प्रदेश में आेजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से जननी सुरक्षा योजना एवं शुभलक्ष्मी योजना का लाभ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) और इनसे उच्चतर चिकित्सा संस्थानों में ऑनलाइन जमा करवाया जा रहा था। अब दिसंबर माह में ही पीएचसी में भी यह सुविधा शुरू की जा रही है।
अब तक 95 हजार लाभार्थियों के खातों में
अधिकारियों के मुताबिक, 220 करोड़ रुपए विभिन्न योजनाओं के तहत सीधे बैंक खातों में पंहुचे हैं। जबकि, 129 करोड़ रुपए जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाय) के तहत भी। जेएसवाय के तहत 9 लाख 10 हजार से अधिक प्रसूताओं ने लाभ लिया है। वहीं, 23 करोड़ 50 लाख रुपए राजश्री योजना के तहत अब तक 95 हजार लाभार्थियों के खातों में डाले गए।
स्वास्थ्य सूचकांकों पर भी नजर
ओजस सॉफ्टवेयर के माध्यम से भुगतान शुरू होने से राज्य के स्वास्थ्य सूचकांकों पर भी सीधी निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के चिकित्सा संस्थानों में नवंबर माह तक हुए प्रसवों के आकलन के अनुसार बाल लिंगानुपात में वांछनीय सुधार हो रहा है। बालिकाओं का जन्म 50 प्रतिशत से अधिक प्राप्त हो रहा है, जो उत्साहजनक है।
- नवीन जैन, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
Published on:
08 Dec 2016 02:39 pm
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