
एक दशक से क्रमोन्नति के इंतजार में पादरू पीएचसी, इलाज के लिए भटक रहे मरीज
बालोतरा.
उपखंड व विधानसभा क्षेत्र सिवाना का अठारह हजार से अधिक आबादी वाले कस्बे पादरू का राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एक दशक से अधिक समय से क्रमोन्नत की बाट जो रहा है। पादरू व इससे जुड़े एक दर्जन से अधिक गांवों के परेशान ग्रामीण जनप्रतिनिधियों, सरकार से बीसियों बार क्रमोन्नत की मांग कर चुके हैं। लेकिन सरकार के चिकित्सालय क्रमोन्नत नहीं करने पर एकमात्र चिकित्सक के भरोसे संचालित चिकित्सालय पर हर दिन सैकड़ों मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। उपचार के लिए 35 से 50 किलोमीटर दूर कस्बों तक पहुंचना पड़ता है।
उपखंड व विधानसभा सिवाना के तीसरे बड़े कस्बे पादरू में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने वर्ष 1987 में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र स्वीकृत किया था। उस समय कस्बे व क्षेत्र की आबादी पर यह चिकित्सालय मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त था। ग्रामीणों को उपचार की अच्छी सुविधा मिलती थी। लेकिन विगत वर्षों में कस्बे व इससे जुड़े गांवों की आबादी में रिकार्ड हुई बढ़ोतरी पर यह चिकित्सालय नाकाफी साबित हो रहा है।
एक अनार- सौ बीमार, कैसे हों उपचार
कस्बे पादरू के भगवान महावीर प्राथमिक चिकित्सालय में एकमात्र चिकित्सक नियुक्त हैं। पादरू की आबादी 18 हजार से अधिक है। इससे मिठौड़ा, धारणा, सिणेर, वालियाणा, पंऊ, कांखी, कुण्डल, सेला, मुम्बारी, धनवा, दांखा, सहित कई गांव जुड़े हुए हंै। इनकी आबादी भी 20 हजार से अधिक है। चिकित्सालय में सामान्य दिनों में उपचार के लिए 180 से 200 मरीज पहुंचते हैं। इस पर समय पर उपचार नहीं मिलने पर मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है।
उपचार के लिए लंबी दौड़
ग्रामीणों को समय पर उपचार नहीं मिलने पर पादरू व एक दर्जन गांवों के मरीजों को सायला 30 किमी, सिवाना 35 किमी, सिणधरी 35 किमी, बालोतरा 50 किमी दूरी तक दौड़ लगानी पड़ती है। साधनों का अभाव, क्षतिग्रस्त मार्गों पर इन स्थानों तक पहुंचने में मरीजों को अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। लंबी दूरी पर ज्यादा समय लगने पर कई बार उपचार की देरी में मरीजों की जान तक निकल जाती है।
मिल रहे झूठे आश्वासन
दस वर्षों से कस्बे चिकित्सालय को क्रमोन्नत करने की मांग कर रहे हैं। सरकार, जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत करवाते करवाते थक हार चुके हैं। सिर्फ झूठे आश्वासन दिए जा रहे हैं। इससे कस्बे व दर्जनों गांवों के मरीज हर दिन परेशानी उठाते हैं।
- प्रेमसिंह राठौड़ पादरू, समाजसेवी
जुड़े हैं एक दर्जन गांव
विधानसभा सिवाना का कस्बा पादरू तीसरा बड़ा कस्बा है। यहां 18 हजार से अधिक आबादी है। एक दर्जन गांव इससे जुड़े हुए हैं। चिकित्सालय में एक चिकित्सक होने, साधनों का अभाव व मार्ग क्षतिग्रस्त होने पर उपचार को लेकर हर दिन सैकड़ों मरीज परेशानी उठाते हैं। सरकार जनहित में शीघ्र चिकित्सालय क्रमोन्नत करें।
- रिड़मलराम विश्रोई, ग्रामीण
Published on:
26 Sep 2018, 9:48 PM IST
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