14 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

उस पार से हर वक्त मौके की तलाश में पाकिस्तानी तस्कर!

- पाकिस्तानी तस्कर भारत हेरोइन भेजने की फिराक में, एक रुट पकड़ा तो नया रूट देखा, पहले पुराने तस्करों को बनाया माध्यम, अब नए तस्करों के जरिए फिर से तस्करी, पंजाब व पाकिस्तानी तस्करों के बीच गठजोड़

2 min read
Google source verification
Barmer border news

Barmer border news

बाड़मेर.

भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने वाले सीमा पार के तस्कर हर वक्त मौके की तलाश में है। पश्चिमी सरहद के उस पार पाकिस्तानी गांवों में तस्कर आइएसआइ की मदद से मौका मिलते ही हेरोइन व नकली नोटों की खेप डंप करने में सफल हो जाते है, लेकिन सीमा पर चौकसी के लिए तैनात बीएसएफ अनभिज्ञ रहती है।


भारत-पाक बॉर्डर पर भारतीय सीमा में भारत की ओर से की गई तारबंदी व अनवरत चौकसी के बावजूद तारबंदी अभेद्य नहीं है। यहां भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की पोलमपोल बार-बार नजर आ रही है। यहां एक साल पहले एक युवक भारत से पाकिस्तान तारबंदी फांदकर गया है तो दूसरी तरफ गत छह माह में तीन बार हेरोइन की खेप भारतीय सीमा में डंप हो चुकी है। इसके अलावा भी एक बार घुसपैठ की नाकाम कोशिश हुई। जबकि बीएसएफ सीसीटीवी कैमरे व अनवरत चौकसी का दावा कर रही है, लेकिन बार-बार हुई घटनाओं ने भारतीय सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए है।

धोरों में धंसी तारबंदी
असामान्य भौगोलिक स्थिति के चलते कई स्थानों पर तारबंदी धोरों में धंसी हुई है। ऐसे स्थान कूरियर के लिए सुरक्षित है। रेतीले बॉर्डर पर कूरियर ने ऐसे स्थानों को अपने फायदे के लिए चिन्ह्ति कर रखा है। खराब मौसम या आंधियां के दौर में पाकिस्तानी तस्कर अंजाम देते है।


नजदीक की ढाणियां सिरदर्द
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी तस्कर अंधिकाश बॉडज़्र पर जीवित पुराने तस्करों की मदद से नए तस्करों को तैयार कर रहा है। ऐसे में तारबंदी के नजदीक ढाणियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए सिरदर्द बनी हुई है।


- नफरी बढ़ा रहा है
पश्चिमी सरहद पर बीएसएफ की चौकस निगाहों से ड्यूटी कर रही है। क्षेत्र बड़ा है, फिर भी बॉर्डर पर हुई घटनाओं की जांच करवा रहे है। नफरी बढ़ाने के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरे भी लगा रहे है। बॉर्डर के लोगों को जागरूक भी करेंगे। पंजाब में सख्ती होने के बाद उस पार के तस्कर हर वक्त मौके की तलाश में रहते है।- एमएल गर्ग, डीआईजी(जी), गुजरात फ्रंटियर