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अभियान : जल स्वावलंबन, स्वच्छता और योजनाओं पर काला धब्बा कारेली नाडी

अभियान- कौन करेगा कारेली का उद्धार?

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बाड़मेर. जिलेभर में पीटे जा रहे स्वच्छता और जल स्वावलंबन के ढोल पर काला धब्बा बनी हुई है शहर की कारेली नाडी। इस जलाशय को शहर का सौंदर्य स्थल बनाने का सपना बुना गया था लेकिन अब कचरापात्र बनी हुई है। प्रशासन और नगरपरिषद स्थिति से भलीभांति वाकिफ होने के बावजूद इसके कायाकल्प को लेकर प्रभावी योजना नहीं बना पा रहे हैं। कारेली विकास की फाइल पंद्रह साल से एक से दूसरे दफ्तर के बीच फुटबाल बनी हुई है। वर्ष 2006 में तात्कालीन जिला कलक्टर सुबीर कुमार ने इस नाडी को शहर का सबसे सुन्दर पार्क बनाने के ख्वाब दिखाए थे और उसके बाद आठ कलक्टर आ गए हैं लेकिन कारेली का उद्धार कोई नहीं कर सका। अब भागीरथी प्रयास की दरकार है लेकिन न तो इतनी हिम्मत नगरपरिषद जुटा पा रही है और न ही प्रशासन।

कहां है कारेली नाडी
- शहर के चौहटन, गडरारोड़ मार्ग पर श्मशानघाट के पास की जमीन से ही सटी हुई है यह नाडी। पुराने समय में यहां इस इलाके के लोग यहां का पानी पीते थे लेकिन बाद में इसका उपयोग बंद कर दिया गया। इधर नगर परिषद ने भी यहां पर कचरा डालना शुरू कर दिया। कचरा डालते-डालते आलम यह हुआ है कि अब यहां दूर-दूर तक कचरे के ढेर ही नजर आते हैं।

जीना मुहाल है कॉलोनी के लोगों का
कारेली पहले जहां शहर से अलग थलग थी अब क्षेत्र मुख्य हिस्सा है। यह नाडी पास में ही चौहटन चौराहा, गडरारोड़ से जुड़ी कॉलोनियों के नजदीक है। गंदगी के चलते यहां रात को हवा चलती है तो बदबू लोगों का जीना मुहाल कर देती है। कॉलोनी के लोगों ने इसकी शिकायत कई बार की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

आवारा पशुओं का जमघट
कारेली में फैली गंदगी के कारण यहां पशुओं का जमघट लगा रहता है। आवारा पशुओं के दिनभर डोलने से यह दूर से देखने पर ही कचरापात्र नजर आती है। नगरपरिषद ने इसकी सुध ली ही नहीं। इसलिए यहां से न तो गंदगी हट रही है और न ही आवारा पशु।

कारेली पर एक नजर
- 100 साल से भी पुरानी है नाडी
- 10 बीघा से ज्यादा क्षेत्र में फैलाव
- 15 साल से है कायाकल्प का इंतजार
- 15 हजार की आबादी प्रभावित

प्रस्ताव भेजा हुआ है
नाड़ी के सरंक्षण को लेकर पूर्व में प्रस्ताव भेजा था। पारित नहीं हुआ। अब जिला प्रशासन के साथ मिलकर इसके सरंक्षण के प्रयास किए जाएंगे। कुछ लोग रात के समय कचरा फेंकते है उन्हें पाबंद किया जाएगा।- प्रकाश डूडी, आयुक्त नगर परिषद बाड़मेर