
बालोतरा.जैन तीर्थ नाकोड़ा में आयोजित कवि सम्मेलन में मंचासीन कवि
बालोतरा.जैन तीर्थ नाकोड़ा पर आयोजित पौष दशमी का वार्षिक मेला गुरुवार को अष्ठम तप के तपस्वियों के पारणे के साथ सम्पन्न हुआ। नाकोड़ा तीर्थ पर आयोजित त्रिदिवसीय पौष दशम मेले पर गुरुवार सुबह 11 बजे अट््ठम तप के तपस्वियों के पारणे किए गए। सुबह से ही सेवा,पूजा के लिए अट्ठम तपस्वियों एवं श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लगी रही। मन्दिर में आराधकों व भक्तजनों ने खमासण, चैत्यवंदन विधि-विधान से किया। संत कीर्तिचन्द सूरीश्वर ने धर्म की महत्ता बताई। ट्रस्ट मण्डल, लाभार्थी अभय कुमार, इन्दरचन्द मुथा बोथरा परिवार ने 1200 अट्ठम तपस्वियों को पारणा करवाकर बहुमान किया गया।। पूर्व रात्रि में आयोजित कवि सम्मेलन में कवि कीर्ति काले, अशोक भाटी,अनिल तेजस, गोविन्द राठी, दीपक पारीख, रौनक पारीख, सिद्धार्थ देवल ने वीर रस, श्रृंगार रस व जैन दर्शन पर कविताएं प्रस्तुत की। रात दो बजे तक आयोजित कार्यक्रम का श्रद्धालुओं ने आनंद उठाया। तीर्थ ट्रस्ट मण्डल अध्यक्ष अमृतलाल जैन, उपाध्यक्ष महेन्द्रकुमार चौपड़ा, कोषाध्यक्ष गणपतचन्द पटवारी ने आराधकों का बहुमान किया । इस अवसर पर ट्रस्टी अशोक कुमार चौपड़ा, बाबुलाल सिंघवी, भरत कुमार ओसवाल, बूधरचन्द भंसाली, चन्द्रशेखर छाजेड़, दीपचंद सांखला, महेन्द्र कुमार चौपड़ा, दिलीप बागरेचा, रणवीर गेमावत, सुरेश मेहता, किशोर राज सिघंवी व वीरचन्द वडेरा भी उपस्थित रहे।
इसलिए भरता है मेला- राजस्थान के बाड़मेर जिले में बालोतरा केपास प्रसिद्ध जैन तीर्थ नाकोड़ा है। पहाडि़यों में बने इस तीर्थ में भगवान भैरवनाथ, पाश्र्वनाथ के मूर्तियां स्थापित है। यहां देश के साथ विदेशों में बसे जैन धर्मावलम्बी भी दर्शनार्थ आते हैं। पौष दशमी को यहां मेला लगता है। इस दिन भगवान पाश्र्वनार्थ का जन्म कल्याण महोत्सव होता है। पाश्र्वनाथ जैन तीर्थकंर में से एक हैं। तीन दिवसीय मेले में यहां विभिन्न आयोजन होते हैं। इस दौरान जैन संतों का भी यहां प्रवास रहता है। वैसे पूरे साल जैन साधु-संत व श्रद्धालु आते रहते हैं। इस बार आसोतरा ब्रह्मधाम गादीपति तुलसाराम ने भी शिरकत की। मेले के दौरान लोग खरीदारी का भी आनंद उठाते हैं।
Published on:
14 Dec 2017 10:15 pm
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