
मोर नाश्ता करने आ जाते है बीएसएफ चौकी, उन्हें मालूम है ये दोस्त है...
ह्युमन एंगल
बाड़मेर पत्रिका.
बीएसएफ के जवानों ने देश की रक्षा के लिए भले ही सरहद की सुरक्षा का जिम्मा लिया है और अपने घरों से दूर राष्ट्रसेवा में लगे है लेकिन सीमा चौकियों पर इनका अपना एक घर है और उसके सदस्य है पशु-पक्षी। बीएसएफ की तमाम चौकियों पर इनकी सुरक्षा, दाने-पानी का इंतजाम रहता है। तभी तो गडरारोड़ की सीमा चौकी पर मोर अधिकारियों के साथ नाश्ते को पहुंच जाते है तो बाखासर की चौकी पर परेड के दौरान मोर की उपस्थिति बीएसएफ में चचाज़् का विषय बनी हुई है।
बीएसएफ की गडरारोड चौकी पर बीएसएफ के अधिकारी खुले में बैठकर नाश्ता कर रहे होते है तो दो-तीन मोर चहल-कदमी करते आते है और उनके पास से दाना-रोटी ऐसे लेते है जैसे उनके करीबी दोस्त हों। हों भी क्यों नहीं बीएसएफ ने पशु-पक्षियों के लिए ऐसा ही व्यवहार बना रखाा है। बीएसएफ की चौकियों पर एक पट्टी हर जगह लगी नजर आती है, जिसमें ध्येय वाक्य लिखा है कि आज से एक नियम बनाएं, पक्षियों को अपने घर का सदस्य बनाएं..। यह वाक्य जवानों ने रट लिया है और अधिकारियों ने जेहन में उतार लिया है,तभी यहां पर पक्षियों का कलरव हर चौकी पर है।
दोस्त है पशु-पक्षी
यहां तक अलग अलग जवानों ने इनसे गहरी दोस्ती बना रखी हैं। बहुत बड़े रेतीले इलाके में जहां दूर - दूर तक कोई दिखाई नहीं देता,कोई मोबाइल नेटवकज़् यहां काम नहीं करते,ऐसे में पशु-पक्षी ही जवानों के साथी बनते हैं। इनके साथ सेल्फी लेना, श्वानों के साथ खेलना जीवन का हिस्सा बन जाता हैं। यह इनके "सरहद के सच्चे साथी भी हैं।"
पशु पक्षी भी समझदार
केवल मनुष्य ही समझदार होते हैं, ऐसा नहीं है । यह पशु-पक्षी भी मनुष्यों की तरह समझदार होते हैं। यह भी अपने बच्चों के मुंह मे दाना लाकर डालते हैं। पक्षियों की चिंता करके भोजन-पानी की व्यवस्था करना सबसे बड़ा धमज़् हैं। बीएसएफ तो इनके साथ दोस्ती की मिसाल है। - पारसमल जीनगर,द्वितीय कमान अधिकारी बीएसएफ
16 बीओपी पर यह माहौल
16 बीओपी पर पानी का प्याऊ, पशु पक्षियों के लिए चुग्गे का इंतजाम करवा रखी है। यहां सैकड़ों पशु-पक्षी आते है। राष्ट्ररक्षा के लिए तैनात जवान यहां पेड़ लगाने, पशु-पक्षियों की सेवा करने का काम भी बखूबी कर रहे है।- राजपालसिंह कमांडेेट 142 बटालियन
Published on:
11 Feb 2022 12:24 pm
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