
बालोतरा में बुधवार को उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपतें निजी चिकित्सक
बालोतरा.
चिकित्सकों की प्रदेश व्यापी हड़ताल पर नगर के राजकीय नाहटा चिकित्सालय के अधिकांश चिकित्सक बुधवार को भी हड़ताल पर रहे। इससे उपचार को लेकर मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ी। इधर, निजी चिकित्सकों ने भी हड़ताल का समर्थन करते हुए उपखण्ड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
नगर के राजकीय नाहटा चिकित्सालय के दस चिकित्सक बुधवार को भी हड़ताल पर रहे। इस पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी, पांच एलोपैथिक व छह आयुष चिकित्सकों ने व्यवस्था को संभाला, लेकिन हड़ताल जारी रहने व अधिकांश चिकित्सकों के नहीं होने पर उपचार के लिए कम मरीज पहुंचे। कार्ररत चिकित्सकों ने मरीजों की जांच कर उपचार किया। चिकित्सकों की हड़ताल पर शहर के निजी चिकित्सालयों में मरीजों की भीड़ उमड़ी रही। वहीं इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन शाखा बालोतरा के पदाधिकारियों व सदस्यों ने उपखंडअधिकारी को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने चिकित्सकों की मांगों का सर्मथन करते हुए इन्हें पूरा करने की मांग की। मांगें नहीं मानने पर उन्होंने कार्य का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। इस अवसर पर डॉ. एफ आर विश्नोई, डॉ. जी. एल वडेरा, डॉ.संतोषसिंह शिवनानी, डॉ. प्रकाश विश्नोई, डॉ. प्रभुराम चौधरी, डॉ.खुशाल खत्री, डॉ. चन्द्रेश सोनी मौजूद थे।
कल्याणपुर पत्रिका. चिकित्सकों की जारी हड़ताल पर बुधवार को उप तहसीलदार ने कस्बे के संत श्री राजाराम सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। उप तहसीलदार राकेशकुमार जैन निरीक्षण किया। इस पर चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सहित चार चिकित्सक अनुपस्थित पाए गए। जैन ने आयुर्वेदिक चिकित्सकों व नर्सिंगकर्मियों के साथ चर्चा कर उन्हें मरीजों की देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
गंभीर मरीजों के लिए आफत, सरकारी और निजी दोनों कर रहे रैफर
चिकित्सक हड़ताल: 1500 की ओपीडी आ गई 700 पर
- निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़
बाड़मेर पत्रिका. चिकित्सकों की हड़ताल के साथ ही अन्य कार्मिकों की लापरवाही के चलते मरीज बेहाल हो रहे हंै। राजकीय अस्पताल में तो अब सामान्य मरीजों को भी रैफर किया जा रहा है। वहीं हड़ताल की जानकारी पर अब मरीज भी कम पहुंच रहे हंै। बुधवार को जिला अस्पताल में ओपीडी 697 पर आ गई है। इधर, निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ नजर आ रही है। अब गंभीर मरीजों की जान पर बन आई है। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल और निजी दोनों से रैफर ही किया जा रहा है।
राजकीय अस्पताल में मरीजों की संख्या बहुत कम हो गई है। गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल रैफर किया जा रहा है। जिला अस्पताल में बुधवार को 24 मरीजों को भर्ती किया गया है। लेकिन हड़ताल के कारण समय पर उपचार नहीं मिल रहा है। हालंाकि पीएमओ खुद मरीजों को देख रहे हैं।
Published on:
20 Dec 2017, 10:27 PM IST
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