
सड़कें बदहाल, करोड़ों की दरकार
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बालोतरा . जिन सड़कों को सार्वजनिक निर्माण विभाग भी चलने लायक नहीं मान रहा, वहां पर मजबूरी में लोगों को वाहन लेकर गुजरना पड़ रहा है, क्योंकि इन गांवों तक जाने का एक मात्र रास्ता यहीं सड़क ही है। एेसी स्थिति एक-दो नहीं क्षेत्र की 53 सड़कों की हैं, जिसे कडंम मान कर नवनिर्माण का प्रस्ताव विभाग भिजवा चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं दी है।
सड़क निर्माण के बाद बीते दस वर्षों में सरकार के इनके रखरखाव में ध्यान नहीं देने से क्षेत्र की 53 सड़कों दम ही निकल गया है। इन पर से वाहन लेकर गुजरना तो दूर अब ये पैदल चलने लायक तक नहीं बची है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारी इनका निरीक्षण कर इन्हें उपयोग लायक नहीं होना बता चुके हैं। इस पर आवागमन में हर दिन हजारों ग्रामीणों व वाहन चालकों को परेशानियां उठानी पड़ती वहीं हादसे घटित होते हैं। इसे लेकर क्षेत्र भर के ग्रामीणों में रोष है।
प्रदेश सरकार के क्षेत्र में सड़क निर्माण के बाद इनके रखरखाव को लेकर ध्यान नहीं देने से इनका दम ही निकल गया है। ये सड़कें 2006-07 में बनी थी, जिसमें से 53 सड़कें ऐसी हैं। इनमें हुए बड़े-बड़े गड्ढे व टूटी पटरियों पर हर दिनें राहगीरों व वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं हादसे होते हैं।
ये सड़कें बदहाल, करोड़ों की दरकार- जानकारी अनुसार क्षेत्र में धुंधाड़ा-रामपुरा-समदड़ी, नवोड़ा बेरा- गंगापुरा, कुण्डल- बेरी नाड़ी, मजल- करमावास, भानावास-कोटड़ी-खंरटिया, नेवाई-नवातला- कालाथल, पचपदरा-खेड़, सूरजबेरा- पाटियाल फांटा, दूधवा-लाचार, सिणली जागीर- रिकरलाई, रिछोली- चंपाबेरी,बागावास- मोहनपुरा, पीपलून- हल्देश्वर सहित कुल 53 सड़कें खस्ताहाल है। गत दिनों सार्वजनिक निर्माण विभाग उदयपुर के अधिशासी अधिकारी ने खंड की सड़कों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की थी।
प्रति किमी चौदह लाख का खर्चा- सार्वजनिक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण को लेकर प्रति किलोमीटर 14 लाख रुपए खर्च होना बताते हुए प्रदेश सरकार को 35 करोड़ 80 लाख रुपए का प्रस्ताव भिजवाया है। सरकार यह राशि स्वीकृत करती है, तब 255.68 किलोमीटर दूरी में सड़कें बनकर तैयार होगी।
सड़कों की स्थिति खराब- ग्रामीण क्षेत्र की एक भी सड़क सही नहीं है। गड्ढ़ों में बदली सड़कों से आवागमन करने पर परेशानी होती है। वाहनों के कलपुर्जे टूटने पर आर्थिक नुकसान अलग होता है। - थानाराम पटेल
तत्काल मरम्मत करवाएं- क्षेत्र की सड़कें बद से बदतर है। नाममात्र की दूरी तय करने में घंटों समय लगता है। इससे समय की बर्बादी होती है। रात्रि में दुघर्टनाएं होती हैं। सरकार आमजन की सुविधा के लिए तत्काल निर्माण करवाएं। - रमेश जैन
सरकार को भिजवाया प्रस्ताव- खंड बालोतरा क्षेत्र की 53 सड़कें खस्ताहाल हैं। गत दिनों उच्चाधिकारी ने निरीक्षण कर इन्हें पैदल चलने लायक नहीं बताया था। सरकार को निर्माण का प्रस्ताव भिजवाया है। - वीरचंद सोनी, अधिशासी अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग खंड बालोतरा
Published on:
20 Dec 2017 04:54 pm
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