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आज से करें पहल, पॉलीथिन में नहीं परोसे प्रसाद

पत्रिका अभियान-पॉलीथिन मुक्त हो धार्मिक स्थल : श्रद्धा के साथ पर्यावरण सुरक्षा, जाने-अनजाने न बने पाप के भागी, पॉलीथिन से मर रहा गोवंश, प्रदूषित कर रहे पर्यावरण

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bhawani singh

Sep 17, 2016

barmer

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प्रतिबंधित पॉलीथिन प्रतिदिन प्रभु के द्वार तक पहुंच रही है। श्रद्धालु पॉलीथिन में प्रसाद लेकर यहां पहुंचते हैं। प्रसाद का वितरण हो जाता है और पॉलीथिन मंदिरों के परिसर में बिखरी रहती है। यह पॉलीथिन पर्यावरण के लिए हानिकारक, मंदिर में कचरा फैलाने की वजह और वातावरण की शुद्धता को भी प्रभावित कर रही है। इतना ही नहीं, आसपास का गोवंश भी पॉलीथिन खाकर कालकवलित हो रहा है। इसे श्रद्धालुओं की भूल कहें या फिर कायदों को फौरी तौर पर लेने की आदत, मंदिरों के प्रति जहां एक ओर श्रद्धावश पहुंचते हैं दूसरी ओर यहां के पर्यावरण को खराब कर रहे हैं।

बाड़मेर शहर के अधिकांश मंदिरों में पॉलीथिन को लेकर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। प्रसाद और पूजन सामग्री दोनों ही दुकानों से पॉलीथिन में ही दी जा रही है। श्रद्धालु भी इसको लेकर एेतराज नहीं करते और इसको लेकर देवालयों तक पहुंच जाते हैं। यहां कचरा पात्र के तो अधिकांश जगह इंतजाम है लेकिन पॉलीथिन का प्रतिबंध नहीं होने से इतनी पॉलीथिन एकत्रित हो जाती है कि मंदिर परिसर में ही उड़ती नजर आती है। इस पॉलीथिन को निस्तारित करने पर बाहर गोवंश के मुंह में जा रहा है और इससे गायों के बीमार होने व मरने की घटनाएं भी हुई हैं। एेसे में धर्म और आस्था को लेकर पहुंच रहे श्रद्धालु जाने-अनाजाने 'पाप' के भागी बन रहे हैं।

धार्मिक स्थलों से शुरुआत

शहर के बालाजी मंदिर ढाणी बाजार, जसदेरधाम उत्तरलाई रोड़, गढ़ मंदिर, मुकुन्दजी मंदिर, वांकल माता मंदिर,स्वर्णकार जगदंबा मंदिर, गणेश मंदिर शिवमुण्डी, सफेद आक मंदिर, भवानीगिरी मठ, चंचलप्राग मठ, सत्यनारायण मंदिर, लक्ष्मीमाता मंदिर, रामदेव मंदिर, झूलेलाल मंदिर, गुरुद्वारा, राधाकृष्ण मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पॉलीथिन का प्रयोग पूर्णतया प्रतिबंधित हो जाए तो यहां से जुड़े हजारों श्रद्धालुओं की आदत में कम से कम मंदिर आते वक्त तो पॉलीथिन छूट ही सकती है। फिर धीरे-धीरे यह पहल आगे बढ़ेगी तो पॉलीथिन पर वास्तविक प्रतिबंध लग ही जाएगा।

सभी ने कहा, सराहनीय पहल, लगाएंगे पाबंदी

जसदेर धाम पर पॉलीथिन को लेकर समस्या रहती है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पॉलीथिन लेकर पहुंचते हैं। यह अच्छा सुझाव है और अब इस पर पहल होगी। मंदिर में पॉलीथिन प्रयोग पर पूर्णतया पाबंदी लगाई जाएगी।

- महंत प्रतापपुरी शास्त्री, जसदेर धाम

मंदिर में श्रद्धालु पॉलीथिन लेकर आते हैं तो उनको टोका तो नहीं जाता है लेकिन यह सही है कि पॉलीथिन नहीं आए तो बेहतर होगा। इसको लेकर प्रयास किए जाएंगे।

- निर्मल अवस्थी, पुजारी, सत्यनारायण मंदिर

यह तो बहुत ही अच्छा सुझाव है। आज ही मंदिर के सूचना बोर्ड पर लिख देंगे कि मंदिर परिसर में पॉलीथिन प्रतिबंधित है। प्रसाद खरीदकर पॉलीथिन में नहीं लाएं।

- अरविंद अवस्थी, पुजारी, माताजी का मंदिर नेहरू नगर

मंदिर में पॉलीथिन का प्रतिबंध होना चाहिए। इस संबंध में निर्णय के लिए मंदिर समिति से बात की जाएगी और प्रयास करेंगे कि यहां पॉलीथिन का प्रयोग नहीं हों।

- अनिल अवस्थी, पुजारी ,मुकंदजी मंदिर मुख्य बाजार

पॉलीथिन का प्रयोग मंदिर परिसर में नहीं हों इसके लिए सकारात्मक पहल होगी। इसके लिए मंदिर कमेटी से बात की जाएगी और पीपलादेवी मंदिर में इस पर विचार होगा।

- ओमप्रकाश शर्मा, अध्यक्ष, शाकद्वीपीय ब्राह्मण समाज

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