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भाटी vs रावणा विवाद : ‘धमकाने’ के आरोपों पर आखिरकार शिव विधायक ने तोड़ी चुप्पी, किया ये चौंकाने वाला ‘खुलासा’?

राजस्थान की सियासत और सोशल मीडिया पर बीते 24 घंटों से चल रहे 'भाटी बनाम रावणा' विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है। प्रसिद्ध भजन गायक छोटू सिंह रावणा द्वारा लगाए गए 'जान से मारने की धमकी' के आरोपों पर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

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राजस्थान के चर्चित युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भजन गायक छोटू सिंह रावणा के आरोपों पर अपना पक्ष रखते हुए पलटवार किया है। भाटी ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि उन्होंने फोन पर आपत्ति दर्ज करवाई थी, लेकिन उसे 'धमकी' का रूप देना गलत है। भाटी ने दो टूक शब्दों में कहा कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप चलते रहते हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति को किसी के राजनीतिक नैरेटिव का 'टूल' (औजार) नहीं बनना चाहिए।

वीडियो : आरोपों पर रविंद्र सिंह भाटी की प्रतिक्रिया

विवाद की असली जड़: 2 साल पुराना कैंसर पीड़ित बच्चा

विधायक भाटी ने इस पूरे विवाद के पीछे की कहानी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि विवाद एक कैंसर पीड़ित बच्चे के वीडियो को लेकर शुरू हुआ।

  • क्या है मामला: लगभग दो साल पुराना एक वीडियो सोशल मीडिया पर फिर से वायरल किया गया, जिसमें एक कैंसर पीड़ित बच्चे की मदद का जिक्र था। भाटी के अनुसार, वह बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ होकर इस बीमारी से बाहर आ चुका है।
  • भ्रामक कमेंट: इसी पुराने वीडियो पर गायक छोटू सिंह रावणा ने बिना वस्तुस्थिति जाने एक कमेंट किया, जिस पर विधायक ने आपत्ति जताई। भाटी का कहना है कि बिना तहकीकात किए अभिव्यक्ति की आजादी का दुरुपयोग करना अनुचित है।

'धमकी नहीं, आपत्ति दर्ज करवाई'

छोटू सिंह रावणा ने आरोप लगाया था कि भाटी ने फोन पर कहा— "दो बार छोड़ दिया, अब सीधा करना आता है"। इस पर भाटी ने कहा:

  • जिम्मेदारी का अहसास: "मैंने निश्चित रूप से आपत्ति दर्ज करवाई और एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे आपत्ति दर्ज करानी भी चाहिए थी। यदि कोई जिम्मेदार व्यक्ति बिना सच जाने नैरेटिव बिल्ड करने के लिए कमेंट करता है, तो यह गलत है।"
  • समझाने का लहजा: भाटी ने कहा कि उन्होंने गायक को केवल यह समझाया कि वे किसी राजनीतिक नैरेटिव का हिस्सा न बनें। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "मैं तो लोगों की जान बचाने वालों में हूं, जान लेने की धमकी कैसे दे सकता हूं?"

'पॉलिटिकल टूल' बनने से बचने की सलाह

रविंद्र सिंह भाटी ने गायक को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज की तारीख में किसी का 'पॉलिटिकल टूल' बनना खुद के लिए नुकसानदेह है।

  • तथ्यों की जांच: भाटी ने कहा कि किसी भी क्रिया-प्रतिक्रिया से पहले वस्तुस्थिति का पता होना चाहिए।
  • शिव का वासी: भाटी ने याद दिलाया कि छोटू सिंह उनके ही विधानसभा क्षेत्र 'शिव' के निवासी हैं, इसलिए उन्हें और भी अधिक जिम्मेदारी से व्यवहार करना चाहिए।

'सस्ती लोकप्रियता' का लगा आरोप

विधायक ने रावणा के वीडियो और आरोपों को 'सस्ती लोकप्रियता' हासिल करने का जरिया बताया। भाटी का मानना है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता के कारण कुछ लोग जानबूझकर इस तरह के विवाद खड़े कर रहे हैं ताकि चर्चा में बने रह सकें। उन्होंने जनता से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक नैरेटिव से सावधान रहें।

आधी रात का फोन कॉल और 'सीधा करने' की चेतावनी

छोटू सिंह रावणा के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम तब शुरू हुआ जब उन्होंने सोशल मीडिया पर रविंद्र सिंह भाटी से जुड़ी एक पोस्ट पर अपना कमेंट किया। गायक का आरोप है कि रात करीब 11 बजे विधायक भाटी का उन्हें फोन आया।

रावणा ने वीडियो में दावा किया कि भाटी ने बेहद सख्त लहजे में उनसे बात की और कहा— "दो बार मैंने तुम्हें छोड़ दिया, अब मुझे तुम्हें सीधा करना भी आता है।" गायक का कहना है कि यह शब्द उन्हें सुधरने की चेतावनी नहीं, बल्कि जान से मारने की अप्रत्यक्ष धमकी जैसे लगे।

वीडियो : भजन गायक छोटू सिंह के आरोप

मारवाड़ में बढ़ा तनाव: समर्थकों के बीच जंग

भाटी की सफाई के बाद अब गेंद जनता के पाले में है। जहां भाटी समर्थक इसे 'सच की जीत' बता रहे हैं, वहीं रावणा के समर्थक अभी भी विधायक के 'बोलने के लहजे' पर सवाल उठा रहे हैं। पश्चिमी राजस्थान के इस विवाद ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर एक नई बहस छेड़ दी है— क्या जनप्रतिनिधि का टोकना 'धमकी' है या 'सुधार की कोशिश'?

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