
अपने पिता के साथ भावेश गोदारा (फोटो सोशल मीडिया)
RBSE 10th Result Barmer Success Story: बाड़मेर: राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा घोषित 10वीं के परीक्षा परिणामों ने मंगलवार को रेगिस्तानी जिले बाड़मेर को गौरवान्वित कर दिया। जिले का कुल परिणाम 96.14 प्रतिशत रहा, जिससे बाड़मेर प्रदेश के 41 जिलों की सूची में 8वें स्थान पर काबिज हुआ।
हालांकि, इन आंकड़ों और प्रतिशत के बीच सफलता की ऐसी कई कहानियां छिपी हैं, जिन्होंने आंसुओं को पोंछकर इतिहास रचा है। गुड़ामालानी के तेजियावास निवासी भावेश गोदारा की सफलता केवल अंकों का खेल नहीं, बल्कि एक बेटे का अपने दिवंगत पिता को दिया गया सबसे बड़ा सम्मान है। जब भावेश के हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान के पेपर संपन्न हो चुके थे, तभी उनके पिता बाबूलाल गोदारा का हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया।
घर में मातम था और भावेश पूरी तरह टूट चुके थे। गणित, विज्ञान और संस्कृत की कठिन परीक्षाएं अभी बाकी थीं। ऐसे में आदर्श विद्या मंदिर के प्रिंसिपल हुकमाराम बैरड़ ने भावेश को संभाला। उन्होंने भावेश को प्रेरित करते हुए कहा, हार मानना पिता को श्रद्धांजलि नहीं होगी, उनके सपनों को जीना ही सच्ची विदाई है।
भावेश ने पिता के 'इंजीनियर' बनाने के सपने को अपनी ताकत बनाया और जब परिणाम आया तो हर कोई दंग रह गया। भावेश ने 97.67% अंक हासिल किए। ताज्जुब की बात यह है कि जिन तीन विषयों की परीक्षा उन्होंने पिता के निधन के शोक के बीच दी, उनमें भी उनका प्रदर्शन अद्वितीय रहा। भावेश ने हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान तीनों में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं।
पिताजी मुझे इंजीनियर बनाना चाहते थे। उनके जाने के बाद घर में अंधेरा था, लेकिन मैंने तय किया कि उनके सपनों की लौ बुझने नहीं दूंगा। ये नंबर उनके प्रति मेरा वादा हैं।
-भावेश गोदारा, विद्यार्थी
जिले की ओवरऑल मेरिट में होली एंजल पब्लिक स्कूल के अभिषेक चौधरी ने 600 में से 594 अंक प्राप्त कर 99 प्रतिशत के साथ जिले का नाम रोशन किया। अभिषेक ने अपनी सफलता का मंत्र 'सोशल मीडिया से दूरी और नियमित अभ्यास' को बताया। उनका सपना भी इंजीनियर बनने का है। वहीं, डूंगर विद्या पीठ की छात्रा कविता ने 98.83 प्रतिशत अंक प्राप्त कर डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
बाड़मेर जिले के शिक्षा स्तर में पिछले एक दशक में क्रांतिकारी बदलाव आया है। वर्ष 2018 में जहां जिला 83.06% पर था, वहीं 2026 में यह 96.14% तक पहुंच गया है। 2021 के कोरोना काल (99.24%) को यदि छोड़ दिया जाए, तो यह बाड़मेर के इतिहास का सबसे शानदार शैक्षणिक प्रदर्शन है।
Updated on:
25 Mar 2026 02:23 pm
Published on:
25 Mar 2026 02:23 pm
