8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rajasthan Politics : रविंद्र सिंह भाटी ने नामांकन भरा, अब मुकाबला बना त्रिकोणीय, बताया किसकी बढ़ेगी मुश्किलें

Lok Sabha Election : रविंद्र सिंह भाटी ने नामांकन दाखिल कर चुनावी रण रोचक बना दिया। अब बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला करीब-करीब तय हो गया है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बाड़मेर

•

image

Suman Saurabh

•

Updated: 30 Mar 2024, 7:44 PM IST

_ravindra_singh_bhati_filed_nomination_form_from_barmer-jaisalmer_lok_sabha_seat_.jpg

Lok Sabha Election 2024: हां, ना, हां, ना जैसे असमंजस के बाद शनिवार को रवींद्र सिंह भाटी ने बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। अब भाटी भी बीजेपी और कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ मैदान में नजर आएंगे, जिसका उनके समर्थक इंतजार कर रहे थे। हाल ही में चुनाव लड़ने के सवाल पर भाटी ने कहा था कि वे अपने लोगों से संवाद करने के बाद ही स्पष्ट रूप से बताएंगे। भाटी निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेंगे। हाल ही में उन्होंने जन आशीर्वाद यात्रा की थी। जनता का समर्थन मिला।जिसके बाद लोकसभा के चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया।

रवींद्र सिंह भाटी ने नामांकन दाखिल कर चुनावी लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। अब बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला लगभग तय है। इस सीट से बीजेपी प्रत्याशी कैलाश चौधरी 28 मार्च को नामांकन पत्र दाखिल कर चुके हैं। कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदा राम बेनीवाल 3 अप्रैल को नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। कांग्रेस-बीजेपी के अलावा शिव विधायक रवींद्र सिंह भाटी के चुनाव लड़ने से बाड़मेर-जैसलमेर सीट हॉट सीट बन गई है।

नामांकन के बाद मीडिया से बात करते हुए भाटी ने कहा कि मैंने शुभ मुहुर्त में नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। नामांकन सभा और रैली 4 अप्रैल को है।

बीजेपी से सुलह और बातचीत के सवाल पर भाटी ने कहा कि अब बातचीत का दौर खत्म हो चुका है, अब वे चुनावी मैदान में हैं। भजनलाल सरकार के साथ नहीं बनने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ये चीजें जल्द ही आपके सामने लाऊंगा। हर विधानसभा की समस्या अलग-अलग होती है, सबसे आम समस्या जो सामने आई है, वह समस्या शिव में भी है। बुनियादी सुविधाओं में सबसे बड़ी समस्या पानी की है। स्वास्थ्य और शिक्षा की समस्याएं किसी से छुपी नहीं है।

यह भी पढ़ें : Rajasthan Politics : राजस्थान कांग्रेस के 'स्टार प्रचारक' हेमाराम चौधरी आखिर क्यों मांग रहे सार्वजनिक माफ़ी? वीडियो जारी कर कही बड़ी बात