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1.10 बजे रेशमा का शव पहुंचा भारत

पत्रिका की मुहिम से देश की मिट्टी मिली-

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Reshma's body reaches India at 1.10 hrs

Reshma's body reaches India at 1.10 hrs

बाड़मेर. अगासड़ी गांव की रेशमा का शव दोपहर 1.10 बजे भारत पहुंचा। पत्रिका की मुहिम का बड़ा असर रहा कि रेशमा को देश की मिट्टी नसीब हुई। पााकिस्तान रेंजर्स ने शव केा भारत को सुपुर्द किया। मुनाबाव बोर्डर के गेट खोले गए। दोनों मुल्कों की ओर से मानवता की बड़ी मिसाल पेश की गई है।

पाकिस्तान के शव को सुबह मीरपुर खास से जीरो प्वाइंट रेलवे स्टेशन पाकिस्तान लाया गया था। यहां पर इमीग्रेशन व अन्य जांच की गई। करीब 10.30 बजे शव को भारत को सुपुर्द करने की बात कही जा रही थी लेकिन जांच प्रक्रिया के चलते देरी हुई।

इसके बाद दोपहर करीब 1.10 बजे बोर्डर के मुख्य गेट के साथ का गेट खोला गया और यहां से शव को भारत को सुपुर्द किया गया है। पाकिस्तान रैंजर्स ने अंतिम विदाई देते हुए रेशमा को जन्नत नसीब होने की दुआ की है। बताया जाता है कि वहां मौजूद पाकिस्तान के अधिकारियों के लिए भी यह बड़ा भावुक मौका था।

इधर भारत में इंतजार कर रहे अधिकारियेां व परिजनों के लिए भी यह क्षण संवेदना जगाने वाला रहा जब बोर्डर क्रास कर शव भारत की ओर लाया गया। भारत की ओर एम्बुुलेंस तैयार थी जिसमें शव को रखा गया। अब इसे मुनाबाव रेलवे स्टेशन की ओर ले जाया गया है।

जहां भारत की ओर से इमीग्रेशन व अन्य जांच के कार्यवाही पूरी की जा रही है। शव के साथ रेशमा बेटा शाहीद भी पाकिस्तान से बॉर्डर क्रास कर आया है। शाहिद रेशमा के साथ ही गया था। अब यह कार्यवाही पूर्ण होने के साथ एम्बुलेंस से रेशमा का शव उसके परिजनों को सुपुर्द होगा और यहां से उसके गांव अगासड़ी जाएगा। जहां पर पूरा परिवार इस उसके आखिरी दीदार को पिछले छह दिन से बेचैन, बेसब्र और दु:खी है।


पत्रिका की मुहिम से देश की मिट्टी मिली-

रेशमा की आखिरी ख्वाहिश थी कि उसकी मिट्टी को उसके घर ले जाया जाए और वहीं सुपुर्द ए खाक हों। रेशमा की यह ख्वाहिश पूरी हुई है। उसका शव वतन आ गया है। पत्रिका की मुहिम से यह संभव हुआ है। 25 जुलाई को रेशमा का इंतकाल हुआ था। 27 जुलाई से लगातार पत्रिका की ओर से की जा रही कोशिशों का नतीजा है कि रेशमा का शव भारत आ गया है। रेशमा की मिट्टी को देश की माटी न सीब होगी।