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पेचवर्क के इंतजार में पैदल चलने लायक भी नहीं रही सड़क

ग्राउंड रिपोर्ट : - हीरा की ढाणी- सियोलों की ढाणी -केसुम्बला फांटा रोड खस्ताहाल

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Road damaged for a long time, waiting for screwwork

Road damaged for a long time, waiting for screwwork

बाड़मेर. हीरों की ढाणी से केसुलम्बा तक की सड़क मरम्मत का इंतजार करते-करते एेसी हो गई कि अब पैदल चलने लायक भी नहीं रही है। सड़क से कंक्रीट निकलने लगी तो ग्रामीणाों ने इसकी सूचना जिम्मेदारों को दी और पेचवर्क की मांग की, लेकिन शायद उनकी नींद ही नहीं उड़ी, जिस पर रोड का यह हाल है।

कई साल पहले बनी सड़क से कंक्रीट निकलते ही ग्रामीण मरम्मत की मांग करने लगे, लेकिन सरकारी तंंत्र ने ध्यान नहीं दिया। स्थिति खराब होते-होते सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हो गए।

ऐसे में अब सड़क पूरी क्षतिग्रस्त हो गई। यह सड़क ग्राम पंचायत मुख्यालय हीरा की ढाणी से सियोलों की ढाणी व वहां से केसुम्बला फांटा तक 12 किलोमीटर दूरी है।

इन गांवों को बालोतरा व बाड़मेर, रामदेवरा, रामदेव अवतार धाम सहित मुख्य शहरों को जोडऩे वाली यह लिंक रोड है। अभी भी समय पर इसकी मरम्मत नहीं होती है तो बड़े शहरों तक पहुंचने में ग्रामीणों को परेशानी और बढ़ेगी।

पूरी उखड़ी सड़क, राहगीर परेशान-

ग्रामीणों की मांग पर सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इसकी मरम्मत नही और पेचवर्क के अभाव में व्यस्ततम सड़क पर वाहनों की आवाजाही पर कई जगह से उखड़ गई है। सड़क हुए बड़े-बड़े गड्ढे व बिखरी कंक्रीट से आवागमन में हर दिन लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।

हादसों में चालक, सवार चोटिल व घायल होते हैं। इससे परेशान लोग कई बार सार्वजनिक निर्माण विभाग को समस्या से अवगत करवा चुके हैं, लेकिन कहीं कोई सुनवाई व समाधान नहीं किया जा रहा है।

ग्रामीणों की जुबानी

सड़क की मरम्मत की मांग लम्बे समय से कर रहे हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग के साथ प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को भी समस्या से अवगत करवाया , लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया है। समय रहते इसकी मरम्मत नहीं की तो पैदल चलने लायक भी नहीं रहेगी।

- भगराज सियोल, ग्रामीण सियोलों की ढाणी

ग्रामीण इलाकों में सड़कों की लम्बे समय से मरम्मत नहीं करने से कंक्रीट बिखरने के साथ बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। इसके चलते आवागमन में दिक्कत होती है तो समय के साथ आर्थिक नुकसान भी सहना पड़ता है। क्योंकि वाहनों में डीजल-पेट्रोल भी अधिक खर्च होता है। लंबे समय से इस स्थिति के बावजूद जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे।

- देदाराम धतरवाल, राहगीर