7 मई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाड़मेर जिला परिषद बैठक में हंगामा, – नोटिस नहीं, अधिकारियों पर हो कठोर कार्रवाई

- अनदेखी से बिफरे जनप्रतिनिधि - जिला परिषद की बैठक सीईईओ का जवाब- आदेश की पालना में दिए नोटिस, अब लेंगे स्पष्टीकरण

3 min read
Google source verification
Barmer District Council meeting,Ruckus

Ruckus in Barmer District Council meeting

बाड़मेर. जिला परिषद की बैठकों में उठने वाले मुद्दों व अपनी उपेक्षा से आहत जनप्रतिनिधि शनिवार को जिला परिषद की बैठक में बिफर गए। पिछली बैठक में उठाए मुद्दों पर विभिन्न विभागों से सूचना नहीं मिलने व कुछ अधिकारियों के बैठक में नहीं आने पर उन्होंने हंगामा मचाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि हर बैठक के बाद हम उन्हें नोटिस देते हैं अब स्पष्टीकरण भी लेंगे। इस पर भी जनप्रतिनिधि संतुष्ट नहीं हुए और कठोर कार्रवाई की मांग करते रहे। बैठक में बिजली, चिकित्सा, मनरेगा, सड़क, वन विभाग सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
आरम्भ में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एमएल नेहरा ने पिछली बैठक की कार्रवाई का वाचन करते हुए अनुमोदन की बात की। इस पर उप जिला प्रमुख सोहनलाल चौधरी, प्रधान लक्ष्मणराम गोदारा, जिला परिषद सदस्य फतेहखां,खेताराम कालमा, रूपसिंह राठौड़, सोहनसिंह भायल आदि ने आरोप लगाया कि बैठक में उठने वाले मुद्दों पर कार्रवाई नहीं होती। विभिन्न विभागों से पालना रिपोर्ट नहीं आती। यह अकर्मण्यता की स्थिति ठीक नहीं है। एेसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सीईईओ ने कहा कि हमने स्पष्टीकरण मांगा है और नोटिस जारी किए हैं। इस पर सदन ने कठोर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि सभी मुद्दों को छोड़ पहले चिकित्सा व्यवस्था पर चर्चा होनी चाहिए, क्योंकि चिकित्सक हड़ताल पर हैं और स्थिति खराब हो रही है। इस पर सदन में आरोप-प्रत्यारोप लगने लगे। भाजपा के सदस्यों ने कहा कि विकास की बात की जाए। विधायक हमीरसिंह भायल ने कहा कि सरकार चिकित्सकों से बात कर रही है और शीघ्र की फैसला हो जाएगा। चौहटन विधायक तरुणराय कागा ने कहा कि सरकार चिकित्सकों की मांगों पर विचार तो कर रही है, लेकिन उन्हें भी जनता के प्रति संवेदनशीलता रखनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से कहा कि आप यह तय करें कि आप जनता के साथ हैं या चिकित्सकों की हिमायत कर रहे हैं। इस दौरान दोनों ओर से आरोप-प्रत्यारोप लगे। जिला प्रमुख प्रियंका मेघवाल, प्रधान पुष्पा चौधरी, पदमाराम मेघवाल, ताजाराम, जिला परिषद सदस्य शम्मा बानो, खेताराम कालमा आदि ने भी मुद्दे उठाए।


बीएसआर दर संशोधित- पंचायतों में विकास कार्य बीएसआर दर के चलते रुके होने के मुद्दे पर जिला कलक्टर शिव प्रसाद मदन नकाते ने कहा कि बीएसआर दर में संशोधन किया गया है। अब बीस किमी से दूर क्षेत्र से ग्रेवल परिवहन पर 2.60 रुपए प्रति किमी की जगह 3.72 रुपए किमी की दर से भुगतान होगा। उन्होंने संशोधन की विस्तार से जानकारी दी।

मनरेगा कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कार्य स्वीकृत नहीं हो रहें, क्योंकि पुरानी सीसी जारी नहीं हो रही। इसमें निर्माण सामग्री राशि का भुगतान नहीं होने की समस्या आ रही है। करोड़ों की स्वीकृतियां अटकी हुई हैं। एडीपीसी मनरेगा ने जिले में स्वीकृतियों को लेकर जानकारी दी। इस दौरान सदस्यों ने अधिकारियों पर मनमर्जी से कार्य स्वीकृत करने का आरोप लगाया।

विद्युत कनेक्शन कटने से पेयजल संकट

जिला परिषद सदस्य शम्मा बानो ने कहा कि गुमान का तला व शम्भूओं का पाड़ा में नौ दिन से विद्युत कनेक्शन कटने से जलदाय विभाग के पेयजल स्त्रोत बंद हैं। जनता परेशान है, इस पर अधीक्षण अभियंता ने चौबीस घंटे में कनेक्शन करवा एक माह तक राहत देने की बात कही। इस दौरान शिव क्षेत्र में अवैध कनेक्शन सहित अन्य कई बातों का जिक्र करते हुए जनप्रतिनिधियों ने कार्रवाई की मांग की।

ये मुद्दे भी उठे

- विभिन्न सरकारी योजनाओं की राशि में से बैंक नहीं दे रहे दस हजार से ज्यादा का भुगतान।
- पंचायत समितियों को श्रम विभाग संबंधी कार्य देने के बाद जिले में सैकड़ों आवेदकों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ।

- लेबर कार्ड व खाद्य सुरक्षा में गलत कार्ड बनने से योजना का दुरुपयोग।

- व्यक्तिगत टांकों के लिए तीन लाख तो प्रधानमंत्री आवास योजना में सवा लाख में मकान कैसे संभव।

- गुड़ामालानी में कार्यरत एक व्याख्याता की बाड़मेर में प्रतिनियुक्ति।

- वन्य क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने, वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर खोलने, बाड़मेर की सोन नाडी से सड़क निर्माण में रुकावट हटाने पर भी चर्र्चा।

दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कुटीर योजना

विधायक मेवाराम जैन ने कहा कि दीनदयालय योजना का बुरा हाल है। बाड़मेर ब्लॉक में कई जगह कार्य आरम्भ भी नहीं हुआ। अधीक्षण अभियंता डिस्कॉम एम एल जाट ने बताया कि योजना के तहत जिले में 17 हजार 821 पोल लगे हैं। 2018 तक कार्य पूरा होने का लक्ष्य है। हमीरसिंह भायल ने बालोतरा क्षेत्र में कार्य के गति नहीं पकडऩे की बात कही। इस दौरान कार्मिकों की कमी का मुद्दा भी उठा।

बड़ी खबरें

View All

बाड़मेर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग