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सीमा क्षेत्र में खारा पानी,कंपनी ब्लैक लिस्ट,जानिए पूरी खबर

रेगिस्तान के 113 गांवों की करीब डेढ़ लाख की आबादी को शुद्ध और मीठा पानी पिलाने की योजना अटक गई है।

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Saltwater in border area, company blacklist

Saltwater in the border area, company blacklist

बाबूसिंह भाटी@रामसर. सरकारी विभागों के तालमेल के अभाव और मॉनीटरिंग की कमजोरी का नतीजा है कि रेगिस्तान के 113 गांवों की करीब डेढ़ लाख की आबादी को शुद्ध और मीठा पानी पिलाने की योजना अटक गई है। यहां आरओ प्लांट लगने थे। कंपनी को इस शर्त पर काम दिया था कि वह निर्माण तो करेगी ही साथ ही सात साल तक उनका संचालन करेगी। निर्माण कर कंपनी ने 65 प्रतिशत भुगतान उठा लिया और शेष 35 प्रतिशत संचालन की जिम्मेदारी का था जो बीच में छोड़कर चली गई। अब यहां लगे आर ओ प्लांट धूल फांक रहे है। एक आर ओ प्लांट पर तीस लाख व्यय किए गए है।
जिले में आरओ प्लांट को लेकर गुजरात की एक कंपनी को 133 प्लांट की जिम्मेदारी दी थी। प्रत्येक प्लांट पर 30 लाख रुपए खर्च होने थे। इसमें 65 प्रतिशत निर्माण और 35 प्रतिशत राशि इसके सात साल तक के संचालन तक की थी। कंपनी ने 50 से अधिक आरओ का निर्माण कर दिया। शेष निर्माणाधीन थे। इस दौरान निर्माण के बाद कंपनी इसका संचालन करने लगी तो यह घाटे का सौदा समझकर कंपनी ने हाथ खड़े कर लिए। विभाग ने कागजी कार्यवाही के बाद इसको ब्लैक लिस्ट कर दिया है।

खामियाजा भुगत रहे है लोग- बोर्डर के 133 गांवों में जहां आरओ प्लांट लगने थे वहंा के ग्रामीण ठगा सा महसूस कर रहे है। उनके यहां प्लांट तो लग गए लेकिन यहां पानी फिल्टर हो रहा है और मिल भी नहीं रहा। अधिकारी कोई जवाब नहीं दे रहे हे। एेसे में ग्रामीणों को ये आरओ प्लांट चिढ़ा रहे है।
अब किया है रिटेंडर- इसका रिटेंडर कर लिया गया है। 133 आरओ प्लांट के लिए नई कंपनी आएगी। पुरानी कंपनी ने काम नहीं किया तो उसको राज्य स्तर से ब्लैक लिस्ट किया गयाा है।- हेमंत चौधरी, अधीक्षण अभियंता जलदाय विभाग

- 133 आरओ प्लांट अटके

- 30 लाख की लागत से बनने थे आर ओ प्लांट

- 07 साल संचालन की शर्त से कंपनी मुकर गई

- 1.50 लाख की आबादी शुद्ध व मीठे पानी से वंचित

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