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मीठे के लिए खारा पानी बंद, अब दोनों से रहे!

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frinking water destroy in phed office

Salty water for sweet, now both stay

बालोतरा के बाशिंदों को जरूरत का आधा भी नहीं मिल रहा पानी
मीठे के लिए खारा पानी बंद, अब दोनों से रहे!
रोजाना 13.5 एमएलडी की जरूरत, मिलता है 5 से 6 एमएलडी पानी
3 की बजाय 1.5 केजी प्रेशर से होती है आपूर्ति
पानी खर्च करने से पहले लगाना पड़ता है हिसाब

बालोतरा . वर्षों से मीठे पानी का इंतजार कर रहे बालोतरा के बाशिंदों के सामने अब नई समस्या खड़ी हो गई है। यहां नहरी पानी की आपूर्ति शुरू होते ही जलदाय विभाग ने खारा पानी बंद कर दिया। वहीं मीठा पानी जरूरत का आधा भी नसीब नहीं हो रहा है। एेसे में लोगों को हर काम में पानी खर्च करने से पहले उसकी मात्रा का हिसाब लगाना पड़ रहा है।
बालोतरा में तीन दिन के अंतराल में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति के लिए प्रतिदिन 13.5 एमएलडी पानी चाहिए। लेकिन परियोजना से प्रतिदिन 5 से 6 एमएलडी ही पानी मिल रहा है।
लूनी नदी व समदड़ी रोड हैडवक्र्स में 6-6 पंप लगे हैं। लेकिन इनमें 3-3 पंप भी 24 घंटे नहीं चलते। ऐसे में जरूरत से आधा ही पानी मिलने से शहर में 5-6 दिन अंतराल में जलापूर्ति की जा रही है।
पूरे प्रेशर से भी नहीं होती आपूर्ति
जानकारी अनुसार परियोजना में 3 केजी प्रेशर से जलापूर्ति की जानी है, लेकिन परियोजना अधिकारी 1 व 1.5 केजी प्रेशर से ही आपूर्ति कर रहे हंै। एक माह पूर्व पेयजल योजना का शुभारंभ किया गया था। नियमित रूप से हो रही जलापूर्ति पर पेयजल लाइन सेट भी हो गई है। बावजूद इसके परियोजना अधिकारी पूरे प्रेशर से पानी नहीं छोड़ रहे हैं। इससे जलदाय विभाग के स्थानीय अधिकारी भी परेशान है।
रहवासी व अधिकारी दोनों परेशान
ड्डदीपावली को लेकर आम से खास लोग घरों, प्रतिष्ठानों आदि की साफ-सफाई में जुटे हुए हंै। एेसे में पानी की जरूरत भी ज्यादा रहती है। ऐसे में पांच-छह दिन अंतराल में हो रही जलापूर्ति से आमजन परेशान हैं। परेशान लोग शिकायतें लेकर स्थानीय जलदाय विभाग पहुंच रहे हैं। लेकिन मांग जितना पानी नहीं मिलने व खारा पानी छोडऩे से पेयजल लाइन खराब होने के अंदेशे को लेकर अधिकारियों की मुसीबतें बढ़ गई है।

स्टोरेज के अभाव में दिक्कत
&ऐसा कुछ नहीं है, जरूरत जितना पानी छोड़ रहे हैं। स्टोरेज के अभाव में दिक्कत आ रही है।
- विनोद भारती, अधीक्षण अभियंता परियोजना पोकरण-फलसुण्ड