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बाड़मेर के शिव में झनके साज, बिखरे लोक संस्कृति के रंग

- लोक कला विरासत-2018 कार्यक्रम....- शिव में हुआ लोक संस्कृतियों का संगम - देर रात तक लोक कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां
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बाड़मेर

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bhawani singh

•

Updated: 2 Feb 2018, 12:16 PM IST

Scattered colored,folk culture

Scattered colored of folk culture in shiv of barmer district

शिव .महाराष्ट्र का लावणी व कोली नृत्य, बारां का आदिवासी नृत्य, राजस्थान का घूमर, भवाई व कालबेलिया नृत्य, केसरिया बालम, बधावणा व लूणाघर सरीखे पारंपरिक लोक गीतों की जब एक मंच पर कलाकारों ने प्रस्तुति दी तो ऐसा लगा मानो पूरे प्रदेश की संस्कृति एक जगह सिमट गई हो। कस्बे की हाई स्कूल में बुधवार रात लोक कला विरासत-2018 कार्यक्रम का समापन रंगारंग प्रस्तुतियों के साथ हुआ। राजस्थान संगीत नाटक अकादमी जोधपुर , कला-सस्ंकृ ति-साहित्य व पुरातत्व विभाग तथा सोसायटी फॉर ट्रेडिशनल आर्ट एंड रूलर कल्चर संस्थान शिव के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं ने दर्शकों का मन जीत लिया।

लोक नृत्य ने मन मोहा

कार्यक्रम में शाम को जहां एक ओर लोक गीतों की बयार बही, वहीं दूसरी ओर लोक नृत्य की पारंपरिक झलक भी देखने को मिली। महाराष्ट्र से आए राहुल हल्दे के निर्देशन में कलाकारों के साथ पारंपरिक लोक गीतों पर नृत्यंागनाओं ने लावणी व कोली नृत्य प्रस्तुत किया। सीमा सपेरा ने भवाई नृत्य पेश कर समां बांधा। सीमा सपेरा के ही दल ने कालबेलिया नृत्य भी प्रस्तुत किया। बारां के गोपाल थानू के निर्देशन में आए आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गीतों पर पारंपरिक वेशभूषा में नैसर्गिक भाव-भंगिमाओं के साथ नृत्य पेश किया।

बही लोक गीतों की बयार

कार्यक्रम का आगाज जोधपुर के राजेन्द्र परिहार एण्ड पार्टी ने शहनाई वादन व नगाड़ों के साथ सरस्वती वंदना कर किया। लोक कलाकार बड़े गाजी खां हड़वा एंड पार्टी ने बधावणा गीत प्रस्तुत किया। पाली की दुर्गा एण्ड पार्टी ने बाबा रामदेव के भजन पर तेरहताली नृत्य प्रस्तुत किया। लोक कलाकार बड़े गाजी खां हड़वा, गफूर खां झांफली, फकीरा खां बिशाला, लूणा खां, आमद खां, दायम खां व जसूखां ने सामूहिक लोकगीतों की प्रस्तुतियां दी। साथ ही वाद्ययंत्रों के माध्यम से दर्शकों का दिल जीता।
मांगणियार कलाकारों ने बनाई पहचान

तहसीलदार हीरसिह चारण ने संबोधित करते हुए कहा कि संगीत के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पटल पर क्षेत्र की पहचान बनाकर प्रदेश का नाम रोशन करने में स्थानीय मांगणियार कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। बीसूकला प्रधानाचार्य अमरदान चारण ने भी विचार रखे। आयोजन कमेटी के दीन मोहमद व दिलावर खां ने आभार जताया। संचालन गिरधरसिंह व नूर मोहमद ने किया। इस मौके एसडीएम चंद्रभानसिंह भाटी, नोडल प्रधानाचार्य शेराराम जांगिड़, करनीदान झांफली, राजेन्द्रसिंह भियाड़, नरेशपालसिंह तेजमालता, पुरुषोत्तम खत्री, अमृतलाल खत्री, डॉ. कुंदनदान आदि मौजूद थे।