
Settlement of five year old property case
बाड़मेर. बाड़मेर एवं चौहटन स्थित सभी न्यायालयों में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें डेढ़ साल पहले रिश्तों के बीच हुई कड़वाहट के कारण टूटने की कगार पर पहुंचा दंपती का रिश्ता शनिवार को फिर से जुड़ गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत टूट रहे पति-पत्नी के रिश्ते को जोडऩे में मददगार साबित हुई। बाड़मेर व चौहटन के समस्त न्यायालयों में 176 प्रकरणों का निस्तारण कर 4 करोड़ 21 लाख 81 हजार 690 रुपए का अवार्ड राशि पारित की गई।
यह था पूरा मामला
न्यायाधीश सुशीलकुमार जैन की बैंच में पति-पत्नी के मनमुटाव का मामला आया। वर्ष-2016 में मोहनलाल पुत्र जुगताराम की शादी भगवती पुत्री पूनमाराम से हुई। डेढ़ साल पहले दोनों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई दोनों अलग-अलग रहने लगे।
उसके बाद यह मामला लोक अदालत पहुंचा। जहां न्यायाधीश व अधिवक्ताओं ने समझाइश की तो दंपती साथ रहने को राजी हो गए। इस पर दोनों का मुंह मीठा कर खुशी-खुशी विदा किया।
पांच साल पुराने मामला में फैसला
न्यायाधीश वमीतासिंह ने करीब 5 वर्ष पुराने प्रकरण में दो भाइयों की संयुक्त संपत्ति के बंटवारे का फैसला किया। दोनों भाइयों ने फैसले को स्वीकार किया व राजीखुशी घर लौटे।
समझाइश से कई मामलों में राजीनामा
बाड़मेर स्थित न्यायालयों में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण न्यायाधीश व पीठासीन अधिकारी सुनिल रणवाह, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुशील कुमार जैन, न्यायाधीश वमीता सिंह, न्यायाधीश राजकुमार चौहान, न्यायाधीश सिद्धार्थ शंकर शर्मा, सिविल न्यायाधीश प्रखर संदल, राजेन्द्र सिंह चारण सहित न्यायाधिकारी, ग्राम न्यायालय, बाड़मेर के अलावा राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए गठित बैंचों के सदस्य करनाराम चौधरी, पुरूषोत्तम सोलंकी, अनिलकुमार सोनी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने बाड़मेर एवं चौहटन ने पक्षकारों के मध्य कई प्रकरणों में आपसी समझाइश से राजीनामा करवाए।
तालुका विधिक सेवा समिति बाड़मेर पीठासीन अधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के 53 प्रकरणों का निस्तारण कर 2 करोड़ 74 लाख 18 हजार रुपए का पंचाट जारी किया। इसी तरह 11 प्रकरणों में समझाइश कर निस्तारण किया।
जिसमें 83 हजार रुपए का अवार्ड पारित हुआ। उन्होंने बताया कि अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सं.01 में 15 प्रकरणों का निस्तारण किया।
जिसमें 1 करोड़ 21 लाख 67 हजार रुपए का अवार्ड पारित किया। न्यायाधीश सं.02 में 10 प्रकरणों का निस्तारण कर 25 लाख 95 हजार 938 रुपए का अवार्ड पारित किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बाड़मेर में 28 प्रकरणों का निस्तारण किया।
इसी तरह अति. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट में 15 प्रकरणों का निस्तारण किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट में 23 प्रकरणों का निस्तारण कर 11 लाख 17 हजार 440 रुपए का अवार्ड राशि पारित की गई।
Published on:
15 Dec 2019 08:37 pm

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