
13 साल बाद शिल्पग्राम पर नजरे-इनायत, फूड और चिल्ड्रन जोन भी बनाएंगे
बाड़मेर.कला, संस्कृति और स्थानीय उत्पाद बढ़ाने के लिए सन 2008 में करीब 25 लाख की लागत से बने शिल्पग्राम पर 13 साल बाद अब नजरे-इनायत होगी। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव के बाड़मेर दौरे के बाद यह उम्मीद जगी है। उदयपुर की तरह शिल्पग्राम पर यहां पर भी मेहनत हो तो रोजगार के अवसर सहित देसी पर्यटकों को बाड़मेरी उत्पाद एक मंच पर मिलेंगे।
सरकारी अंधेरगर्दी का उदाहरण
यह शिल्पग्राम सरकारी भवनों और योजनाओं को लेकर कागजी कार्रवाई और धरातल पर अंधेरगर्दी का 13 साल से उदाहरण बना हुआ है। करीब 25 लाख खर्च कर यहां बढिय़ा हाट बनाए गए, लेकिन न तो यहां किसी को हाट आवंटित हुए न कोई गतिविधि। बबूल की झाडिय़ां उगती गईं और शिल्पग्राम के हाल खराब होते रहे।
ये क्या हाल कर दिया
पिछले दिनों बाड़मेर दौरे पर आए ग्रामीण विकास विभाग के सचिव केके पाठक ने शिल्पग्राम का निरीक्षण करने के दौरान जीर्णोद्धार का विस्तृत प्लान बनाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने शिल्पग्राम में बुनियादी सुविधाओं को अधिक विकसित करने व स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री स्थल के रूप में विकसित करने के लिए भी कहा था।
अब यह होगा
-हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री
- फूड जोन
- चिल्ड्रन जोन
- वूमन हट
- दिव्यांगों के लिए हट
- बुनकरों व कारीगरों को रोजगार
उदयपुर से सीख लें
उदयपुर से करीब तीन किमी दूर बने शिल्पग्राम में थार की कलाकारी भी नजर आती है। यहां पर ग्रामीण क्षेत्रों की कला समग्र रूप से दिखाई गई है। जैसलमेर के सम और रामा गांव में बनी झोंपडिय़ों की तर्ज पर उदयपुर के शिल्पग्राम में भी दो झोंपडिय़ा ऐसी बनाई गई हैं, यह बुनकरों का आवास भी है। उदयपुर में शिल्पग्राम देखने के लिए देसी-विदेशी पर्यटक उमड़ते हैं।
तैयार करेंगे शिल्पग्राम
शिल्पग्राम को तैयार करवाया जाएगा। यहां पर महिला दस्तकारों के साथ दिव्यांगों को भी रोजगार देने की योजना है। साथ ही बुनकरों व कारीगरों को रोजगार मिलेगा। फूडजोन व बच्चों के लिए पार्क होगा, ताकि लोग ज्यादा जुड़ाव कर सकें।
- लोकबंधु, जिला कलक्टर, बाड़मेर
Published on:
26 Dec 2021 02:10 pm
बड़ी खबरें
View Allबाड़मेर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
