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ट्रेफिक पुलिस ने फिर पब्लिक के कान मरोड़कर दिखाई साहबगिरी…अतिक्रमियों से दूरी

बाड़मेर शहर में ट्रेफिक का जहां-जहां जाम है वहां पर कार्यवाही हों तो स्मूथ यातायात हो सकता है। घुमटियों में आगे और अंदर बैठक करने वाले पुलिसकर्मी रेगुलर गश्त पर और जिनको इंचार्ज बना रखा है वे चालान काटने के लिए खड़े रहकर आने-जाने वालों को यों रोककर नहीं कहे कि साहब बुला रहे है..साहब खुद अपने ही कार्मिकों का कान मरोड़े तो सुविधा ठीक हों।

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ट्रेफिक पुलिस ने फिर पब्लिक के कान मरोड़कर दिखाई साहबगिरी...अतिक्रमियों से दूरी

बाड़मेर. कार्रवाई करती ट्रेफिक पुलिस।

बाड़मेर.
बाड़मेर शहर में जाम और अव्यवस्थित ट्रेफिक को लेकर यातायात पुलिस हरकत में आई तो चलते हुए दुपहिया वाहनों को रोकना-टोकना शुरू कर दिया और व्यवस्था की जड़ में तेजाब डालने वाले अतिक्रमियों से दूरी बनाकर रखी हुई है। बाड़मेर शहर में बाजार में आने वालों की संख्या जिस गति से बढ़ रही है उसी हिसाब से ट्रेफिक बढ़ रहा है। यहां जरूरत अब व्यवस्थाओं को संभालने और यातायात व्यवस्था का रोडमैप बनाने की है।
मुख्य बाजार
-पुलिस की लगातार गश्त होकर दुपहिया वाहनों को ट्रेफिक लाइन के अंदर खड़ा किया जाए।
- कार-जीप और अन्य बड़े वाहनों का प्रवेश कोतवाली से अहिंसा चौराहे तक दिन में नहीं होना चाहिए
- ठेलों और खोमचों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बाजार में दबाव ज्यादा है, इसको कम करने के लिए इनको डायवर्ट करने की दरकार है।
अहिंसा चौराहा
- रेलवे स्टेशन के पास सड़क पर आए हुए प्रतिष्ठानों को हटाया जाए
- यातायात घुमटी के सामने से लेकर भेलीराम की सराय तक टेम्पो, टैक्सी और अन्य वाहनों का ठहराव रहता है। ठेले भी यहीं जमा है। इनको स्थाई ठहराव की बजाय मूवमेंट में लाने की दरकार।
सिणधरी चौराहा
- बसों का ठहराव चौराहे के पास दिनभर रहता है, इसको प्राइवेट बाड़े में स्थानांतरित किया जाए। जैसे कॉलेज के सामने बाड़ा है। यहां ठहराव ही बंद हो जाना चाहिए।
- ठेले और अन्य अतिक्रमण जिनको दो माह पूर्व खाली करवाया गया था,फिर से काबिज है इनको व्यवस्थित करने की दरकार है।
ये डम्पर-ट्रक क्यों नहीं हटते
रिको पुलिस चौकी से लेकर विद्युत निगम तक कतारबद्ध खड़े डम्पर, ट्रकों को हाईवे के बीचोबीच खड़ा कर दिया गया है और इस पर कोई कार्यवाही नहीं हो रही है। रोड़ को जाम करने,दुर्घटना का खतरा बने और किसी की नहीं सुनने वाले इन वाहनों को लेकर पुलिस की मेहरबानी का खामियाजा राहगीर भुगत रहे है।

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