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थाली में सोगरा महंगा, बाजरे के रिकार्ड दाम

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Sogra expensive, millet record price in plate

Sogra expensive, millet record price in plate

थाली में सोगरा महंगा, बाजरे के रिकार्ड दाम

धर्मवीर दवे

बालोतरा.प्रदेश में इस बार अकाल ने पहली बार मारवाड़ के लोगों को पीढिय़ों से चले आ रहे जायके को बदलने को मजबूर कर दिया है। प्रथम बार बाजरे के भाव रिकॉर्ड 24 रुपए प्रति किलो होने से यह गरीब की थाली से गायब हो गया है। साथ ही इसकी जगह गेंहू की रोटियों ने ले ली है। मुर्गी दाना, शराब निर्माण में बाजरा का अधिक उपयोग भी इसका प्रमुख कारण है।

प्रदेश में विशेषकर मारवाड़ के लोगों की थाली की शान यहां पैदा होने वाला बाजरा की रोटी रही है। पाचन व सेहत की दृष्टि से बाजरा अच्छा होने से सभी बड़े चाव से इसे खाते हैं। अक्षय तृतीया पर भी विशेष रूप से बाजरे का खींच बनाया जाता है। इसमें घी-गुड़ डाल पकवान के रूप में परोसा जाता हैं।

गेंहू से आगे निकला बाजारा

बाजरे के भाव 4-5 माह पूर्व प्रति क्ंिवटल 1700- 1800 रुपए थे। लोगों के घरों में रखा बाजरा खत्म होने के साथ ही मांग बढ़ गई। अब बीते एक माह से से यह प्रति क्ंिवटल 2300-2400 रुपए प्रति क्ंिवटल भाव से बिक रहा है। वहीं खेतों में बारिश से पैदा हुए देशी बाजरे के भाव 2600 रुपए तक पहुंच गए है, जबकि इस वर्ष गेंहू की अच्छी पैदावार होने से बेहतर गुणवत्ता का गेंहू 2100 से 2200 रुपए प्रति क्ंिवटल में मिल जाता है। व्यापारियों के अनुसार बाजरा के ये भाव रिकॉर्ड तोड़ है। इससे पहले इतने अधिक भावों में कभी बाजरा नहीं बिका।

यह है वजह

क्षेत्र में अकाल के चलते बहुत कम पैदावार हुई। इसके अलावा उत्तरप्रदेश में मुर्गी दाना में इसकी काफी खपत रहती है। राजस्थान व कई राज्यों में शराब कारखानों में भी इसका उपयोग किया जाता है।
विश्वास ही नहीं होता

बाजरा के भाव सुनकर एक बार तो विश्वास ही नहीं होता है, भाव अधिक ऊंचे हैं। इससे सस्ते गेंहू होने से परिवार में इसी का उपयोग करने लगे हैं। - मूलाराम काग, किसान
बदला जायका

हर बार बाजरे के भाव कम होते हंै। इस पर बाजरा ही खाते हैं, लेकिन इस बार इसके भाव अधिक होने पर गेंहू खा रहे हैं। इससे जायका बदल गया है।
- पोलाराम चौधरी

रिकॉर्ड भाव

बाजरा के पहली बार रिकार्ड भाव है। इतने अधिक भाव कभी नहीं रहे। अकाल पर कम पैदावार, मुर्गी दाना, शराब कारखानों में इसका उपयोग महंगाई की वजह है। दो-तीन माह में इसके भाव में उछाल आया है।

- मनोज माहेश्वरी, अनाज व्यापारी


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