
रामसर. कस्बे के निकट स्थित सोनिया चैनल (Sonia Channel) में बनी बेरियों के अब दिन फिरने वाले हैं। यहां स्थित 15 का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। प्रत्येक बेरी पर करीब 80 हजार रुपए तक खर्च किए जाएंगे। इसके लिए कुल 12 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। सोनिया चैनल की 15 बेरियों के चारों ओर एक चौक, दो खेळी तथा बेरियों के ऊपर पानी निकालने के लिए एक-एक घिरनी लगेगी। वहीं 18 और बेरियों के पुनरुद्धार को लेकर प्रस्ताव भेजा गया।
वर्तमान में यह है स्थिति
यहां बनी कई बेरियां वर्तमान में जमींदोज हो चुकी हैं। वहीं कुछ बेरियों को ग्रामीणों ने आक की लकड़ी से बांध रखा है। ऐसे में गर्मी के मौसम में चल रही आंधियों के दौरान ये कचरे व रेत से भर जाती है। फिर सफाई को लेकर ग्रामीणों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
कई लोगों की बुझती है प्यास
पंद्रह से बीस फीट की गहराई में बनी इन बेरियों में सेजे का पानी एकत्र होता है। इससे आस-पास के कई परिवारों की प्यास बुझती है। साथ ही बारिश के दौरान पहाड़ों से आने वाले पानी से भूमिगत जलस्तर भी रीचार्ज हो जाता है। अब इनकी सुध लेने से ग्रामीणों को सुविधा होगी।
पत्रिका ने चलाया था अभियान
सोनिया चैनल में बदहाल बेरियों को लेकर राजस्थान पत्रिका ने जिम्मेदारों का ध्यान आकृषित करने 'सोनिया चैनल का हो उद्धार' अभियान चलाया। इसे जल संशाधन मंत्रालय ने गंभीरता से लेते हुए बाड़मेर जिला कलक्टर को सोनिया चैनल की उपेक्षा व बुरे हश्र का कारण पूछा।
इस पर उन्होंने रामसर विकास अधिकारी को पत्र लिख सोनिया चैनल की रिपोर्ट मांगी। साथ ही बेरियों का निरीक्षण भी किया। इसके बाद ग्राम पंचायत ने बेरियों का पुनर्निर्माण, मरम्मत, सफाई व झाड़ी कटाई के लिए 12 लाख का बजट स्वीकृत किया। 15 बेरियों का निर्माण शुरू करवा दिया है। एक बेरी पर औसतन 80 हजार रुपए की लागत आएगी। बेरी के चारों ओर चौका बनेगा। दो खेळ तथा ऊपर घिरनी लगेगी। 18 बेरियों के लिए और प्रस्ताव भेजे गए हैं।
- बाबूसिंह राजपुरोहित, विकास अधिकारी रामसर
Published on:
04 Jul 2019 04:48 pm
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