
stag kept agonizing, rescue vehicle did not arrive on time
बाड़मेर. धोरीमन्ना वन विभाग की ढिलाई के चलते क्षेत्र में गुरुवार शाम को एक हरिण साढ़े चार घंटे तड़पता रहा और विभाग की रेसक्यू दल नहीं पहुंचा। आखिर इलाज के अभाव में हरिण की मौत हो गई।
शाम करीब छह बजे चौहटन वाधा निवासी सोहनलाल खिलेरी ने धोरीमन्ना वन विभाग को घायल हरिण की सूचना दी। विभागीय अधिकारियों ने अपने क्षेत्र में नहीं होने का कहकर चौहटन वन विभाग को सूचना देने की बात कही।
चौहटन अधिकारी से बात होने पर उन्होंने धोरीमन्ना रेंज में घटना क्षेत्र होने की वजह से वहां सूचित करने को कहा। दोबारा धोरीमन्ना वन विभाग को फोन कर आग्रह किया गया तो वन अधिकारी हीरालाल ने कर्मचारी नहीं होने का कहते हुए फ ोन काट दिया।
बार-बार फोन करने पर रात करीब 10:30 बजे धोरीमन्ना से वन विभाग का रेस्क्यू वाहन पहुंचा तब तक घायल हरिण की तड़पते तड़पते मौत हो गई।
इस संबंध में फोन आया था पर गाड़ी यहां नहीं थी इसलिए लेट हो गए। गाड़ी आते ही रेस्क्यू के लिए भेज दिया। घायल हरिण की मौत हो जाने के बारे में मुझे जानकारी नहीं है मेरी स्टाफ से बात नहीं हुई है।
- हीराराम, रेंजर, वन विभाग, धोरीमन्ना
Published on:
07 Feb 2020 12:15 pm

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