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57 साल से मिठास घोल रहे गडरा के लड्डू, पाक में भी है स्वाद के शौकीन

-1965 से बनाए जा रहे है लड्डू-पाकिस्तान में भी लड्डू शौकीन खूब है

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57 साल से मिठास घोल रहे गडरा के लड्डू, पाक में भी है स्वाद के शौकीन

57 साल से मिठास घोल रहे गडरा के लड्डू, पाक में भी है स्वाद के शौकीन

थार के लजीज और स्वाद में खास बने हुए है गडरा के लड्डू। इन लड्डू को भारत में तो पसंद किया ही जा रहा है, पाकिस्तान में भी इनके स्वाद के शौकीन खूब है। थार एक्सप्रेस बंद होने से इनका स्वाद अब काफी कम पाक पहुंंच पाता है। जब थार चलती थी तो गडरा का लडडू पाक भी खूब जाता था। रिश्तेदार खास तौर पर त्योहारों के मौके पर तो जरूर भेजते थे।
सीमावर्ती गडरारोड़ में लड्डू बनाने का यह कार्य पीढिय़ों से हो रहा है। यहां 1965 में पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए अमोलकदास ने यह कार्य शुरू किया। पाकिस्तान में इस तरह के लडडू पसंद किए जाते थे। यह स्वाद धीरे धीरे यहां प्रसिद्धी पाने लगा। अब तो गडरारोड़ आने वाले के लिए पहली पसंद यह लड्डू है।
हिंगलाज ले गए थे लड्डू-
पूर्व वित्तमंत्री जसवंतसिंह जब हिंगलाज यात्रा पर पाकिस्तान यात्रा पर गए थे उन्होंने भी भेंट के लिए लड्डू को चुना था और पाकिस्तान में इसको बेहद पसंद किया गया था। हिंगलाज गए सभी यात्रियों ने भी अपने रिश्तेदारों के लिए यही भेंट ली थी।
जवान करते है पसंद
सीमावर्ती क्षेत्र में सैनिकों का भी जमावड़ा रहता है। सैनिकों को यहंा मिष्ठान्न के रूप में इन लड्डू का स्वाद लजीज लगता है। वे भी जब छुट्टी पर घर जाते है तो इन लड्डू को ले जाने में रुचि रखते है। यहां सीमावर्ती क्षेत्र में होने वाले बड़े खाने में लड्डू परोसा जाता रहा है।
ऐसे बनते है गडरा के लड्डू-
लड्डू में उड़द की दाल, फीका मावा, देशी घी, चीनी, गोंद, खसखस और मेवे मिलाकर बनाया जाता है। इस तरह के लड्डू निर्माण की विधि अन्यत्र नहीं होने से यहां प्रसिद्ध है। इस निर्माण में महारत हासिल है।