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शिक्षा के मंदिर : बिना शिक्षक कैसे होंगी पढ़ाई

सिणधरी . उपखंड क्षेत्र में सरकार ने बच्चों को शिक्षा देने के लिए विद्या के मंदिर बजट में घोषणा करते हुए धना धन क्रमोन्नत कर दिए लेकिन यहां पर शिक्षा देने के लिए गुरजनो का टोटा आए दिन बढ़ता जा रहा है।

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शिक्षा के मंदिर : बिना शिक्षक कैसे होंगी पढ़ाई

शिक्षा के मंदिर : बिना शिक्षक कैसे होंगी पढ़ाई

शिक्षा के मंदिर : बिना शिक्षक कैसे होंगी पढ़ाई
उपखंड क्षेत्र में लंबे समय से पद रिक्तता की समस्या बनी आम
सिणधरी . उपखंड क्षेत्र में सरकार ने बच्चों को शिक्षा देने के लिए विद्या के मंदिर बजट में घोषणा करते हुए धना धन क्रमोन्नत कर दिए लेकिन यहां पर शिक्षा देने के लिए गुरजनो का टोटा आए दिन बढ़ता जा रहा है। जिसके चलते कहीं पर विद्यार्थी व उनके परिजन तालाबंदी व धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो रहे हैं । नए सत्र के बाद सभी जगह विद्यालय खुले हुए 4 महीने से अधिक समय बीत चुका है लेकिन शिक्षकों के पद रिक्त होने से विद्यालय में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

उपखण्ड क्षेत्र में पदों की स्थिति

प्राथिमक विद्यालय 182

उच्च प्राथमिक विद्यालय 81

उच्च माध्यमिक विद्यालय 72

कुल विद्यालय 335

सरकार ने विद्यार्थियों को घर के नजदीक पढ़ाई की मंशा अनुसार विद्यालय कर मदद किए हैं उसके अनुरूप ही विद्यालय में रिक्त पदों को भरे ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई नियमित चल सके काफी समय गुजर चुका है , विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है। - पाबुराम बेनीवाल, निवासी सिणधरी

उपखंड क्षेत्र में अधिकतर विद्यार्थी केवल विद्यालय के चक्कर लगाकर वापस घर आने को मजबूर है ।सरकार ने आनन-फानन के अंदर विद्यालय खोल दिए लेकिन यहां पर स्टाफ देखने को भी नहीं मिल रहा है। - देवाराम चौधरी,पंचायत समिति सदस्य पायला कला

पदवार स्थति स्वीक्रत

स्वीकृत कार्यरत रिक्त रिक्तता प्रतिशत

प्रधानाचार्य 63 13 50 79.37

प्रधानाध्यापक 24 04 20 83.33

व्याख्याता 139 83 56 40.29

व. अध्यापक 374 179 195 52.14

अध्यापक ले 2- 450 273 177 39.33

अध्यापक ले 1- 795 688 107 13.46

शा . शिक्षक 88 59 29 32.95

कुल योग - 1933 1299 634 -

विद्यालय में शिक्षक नहीं होने के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है । लगातार सरकार विद्यालय क्रमोन्नत करके घर के नजदीक विद्यार्थियों को सुविधा दे रही है लेकिन विद्यालय में पढ़ाने वाले शिक्षक नहीं होने के कारण विद्यार्थियों का भविष्य खराब हो रहा है।

- मंगल नेहरा, सरपंच नेहरों की ढाणी