यहां पहुंचे मेलार्थियों ने बैनर पर हस्ताक्षकर राजस्थान पत्रिका का आभार जताया। इंटेक चेप्टर के कन्वीनर रावल किशनसिंह जसोल ने कहा कि डा. कोठारी के अग्रलेख और पत्रिका के समाचार अभियान के कारण ही यह मेला पुन: प्रारंभ हुआ है, इसके लिए सदा शुक्रगुजार रहेंगे।