सालगिरह पर दम्पति ने देहदान का घोषणा पत्र सौंपा
बाड़मेर। मन में दृढ़़ निश्चय और सबसे अलग करने का जज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है। मानव सेवा व परोपकार के इसी जज्बे से दम्पति ने अपनी शादी की सालगिरह पर देहदान की घोषणा कर अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।
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बालोतरा. शादी की सालगिरह पर लोग किसी होटल में सेलिब्रेशन करते हैं तो कोई बड़ी पार्टी का आयोजन करता है, लेकिन अंचल के गांव सराणा निवासी एक अध्यापक ने अपनी शादी की तैंतीसवीं सालगिरह पर बुधवार को पत्नी के साथ बाड़मेर के मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को देहदान का घोषणा पत्र सौंपा।
बालोतरा में कार्यरत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नितेश आर्य के स्थानांतरण पर आयोजित विदाई कार्यक्रम में आर्य से प्रेरित होकर सराणा हाल बालोतरा निवासी अध्यापक बुधाराम धुम्बड़ा ने कुछ महीने पहले पत्नी कुसुम के साथ देहदान करने की घोषणा की थी। शादी की 33वीं वर्षगांठ पर दंपती ने बुधवार को पुत्री पूजा परिहार के साथ मेडिकल कॉलेज बाड़मेर पहुंच कर प्रिंसिपल डॉ आर. के. आसेरी व पीएमओ डॉ बी.एल. मंसुरिया को देहदान घोषणा पत्र सौंपा। अध्यापक धुम्बड़ा ने बताया कि उन्होंने महात्मा गौतम बुद्ध, डॉ. आंबेडकर इत्यादि महापुरुषों की जीवनी पढऩे व एएसपी आयज़् से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया। देहदान संकल्प लेने का मुख्य उद्देश्य समाज में फैला अंधविश्वास व सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना है। इस अवसर पर पूर्व प्रधान व समाजसेवी उदाराम मेघवाल ,नसिंज़्ग ऑफिसर जगदीश हिन्दल, सुनीता बालवा, खेतपाल टाइगर, विमला बृजवाल, पूजा परिहार व अशोक बृजवाल मौजूद थीं।