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दूरी पहले से थी बैरन और अब दर्द बढ़ गया..

- सामाजिक न्याय एव अधिकारिता विभाग कार्यालय हुआ दूर - कलक्ट्रेट में नहीं मिली जगह तो महावीर नगर में ले गए

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दूरी पहले से थी बैरन और अब दर्द बढ़ गया..

दूरी पहले से थी बैरन और अब दर्द बढ़ गया..

बाड़मेर. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग कार्यालय को कलक्टे्र्रट के करीब स्थापित करने की मांग कर रहे निशक्तजनों को झटका लग है क्योंकि कार्यालय अब और दूर महावीर नगर पहुंच गया है। उविशेषयोग्यजनों ने इसको लेकर जिला कलक्टर को आपत्ति करते हुए उच्चाधिकारियों को भी पत्र भेजा है।

इनका कहना है कि सामान्य आदमी के लिए यह दूरी ज्यादा है तो विशेषयोग्यजन किस तरह पहुंचेंगे। टैक्सी,टैम्पों की सुविधा अव्वल तो है नहीं और मिल गई तो इसके लिए किराया इतना लगेगा जो जेब काटने जैसा होगा। विकलांग शिक्षा एवं कल्याण संस्थान के अध्यक्ष मिश्रीसिंह भाटी, सचिव कल्लाराम विश्नोई, कोषाध्यक्ष खेताराम माली सहित अन्य ने जिला कलक्टर को भेेजे ज्ञापन में उल्लेख किया कि पहले कार्यालय सुमेर गोशाला के पास में था जिससे सहूलियत थी। भवन जर्जर होने से इसको स्थानांतरित किया गया लेकिन इसको अब महावीर नगर में ले जाया गया है,जो दूर है। रेलवे स्टेशन से महावीर नगर का किराया 80 से 100 रुपए तक टैक्सी ले रही है। इसके अलावा भी कई समस्याएं है।

कलक्ट्रेट में क्यों नहींविशेषयोग्यजनों ने मांग की है कि उनको सरकार हमेशा सहूलियत देने की बात कहती है। ऐसे में उनके लिए ऐसी जगह पर कार्यालय हो जो जिलेभर से आने वालों के लिए सहूलियत दे। अधिकारियों से मिलने व अन्य कार्य के लिए सबसे नजदीक जिला कलक्ट्रेट परिसर है। इस परिसर में कई कार्यालय है। यहीं पर विशेष योग्यजनों को भी कार्यालय दिया जाना चाहिए। जिला कलक्टर से मांग की कि खाली किसी भी भवन में इस कार्यालय को जगह दी जाए।दो मंजिला क्योंविशेष योग्यजनों ने यह भी मुद्दा रखा है कि महावीर नगर का कार्यालय दो मंजिला है, जिसमें सीढियों से जाना मुश्किल हो जाता है।कार्यालय एक मंजिला, रैंप लगा हुआ होने की मांग भी की है।

कलक्ट्रेट मेे नहीं मिला

सुमेर गोशाला के पास से भवन स्थानांतरित करना जरूरी था।

नियमानुसार कार्यवाही की गई है। कलक्ट्रेट परिसर में भवन मिलता तो प्राथमिकता देते, भवन नहीं मिला। कलक्ट्रेट परिसर में भवन मिल जाए तो बेहतर है। -सुरेन्द्रसिंह भाटी, सहायक निदेशक, सामाजिक अधिकारिता एवं न्याय विभाग

आना-जाना बहुत ही मुश्किल हो जाता है

कार्यालय दूर है वहां आना-जाना बहुत ही मुश्किल हो रहा है। वृद्ध, विधवा व विकलांगों के लिए बहुत ही दूर है। कार्यालय जिला कलक्ट्रेट में हो या पास में कोई भवन हो। नरसिंह जीनगर संरक्षक,विकलांग शिक्षा एवं कल्याण संस्थान संस्था