
केन्द्र सरकार की ओर से उत्तर भारत के सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए वाइब्रेट विलेज योजना में 4800 करोड़ रुपए दिए गए है। इधर, पश्चिम के बॉर्डर के राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ जिलों में यह योजना लागू नहीं हुई है। पूर्व में यहां संचालित बीएडीएपी योजना भी बंद हो गई है। ऐसे में सीमावर्ती गांव विकास को तरस रहे है। उत्तर की तरह पश्चिम के गांव भी शामिल हों तो इन पहले गांवों में यह पहल पश्चिम से विकास का सूर्योदय करेगी।
15 फरवरी 2023 को यह योजना अरूणाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश के 19 जिलों और 46 ब्लॉक के 663 गांवों में प्रारंभ की गई हैै। इसमें 4800 करोड़ रुपए का बजट वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए दिया गया है। इसमें 2500 करोड़ सडक़ कनेक्टिविटी पर व्यय होंगे।
Updated on:
19 Jun 2024 08:40 pm
Published on:
19 Jun 2024 08:40 pm
