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बालोतरा में निर्माणाधीन टांका ढहने से तीन की मौत, तीन घायल, जानिए पूरी खबर

दर्दनाक हादसा: बालोतरा रीको औद्योगिक क्षेत्र में निर्माणाधीन टांका ढहने से दबकर तीन जनों की मौके पर मौत

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barmer news

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बालोतरा. नगर के रीको औद्योगिक क्षेत्र द्वितीय चरण स्थित वस्त्र कारखाने में मंगलवार दोपहर निर्माणाधीन टांका ढहने से दबकर तीन जनों की मौके पर मौत हो गई। तीन अन्य श्रमिक घायल हो गए। जेसीबी मशीन से उनको बाहर निकाला। घायलों को उपचार के लिए सरकारी व निजी चिकित्सालय पहुंचाया। घायलों की हालत खतरे से बाहर है।

यहां एनआर टैक्सटाइल्स एफ 181 कारखाना में मंगलवार को श्रमिक पानी का टांका बना रहे थेे। इसमें बारह श्रमिक लगे हुए थे। दोपहर करीब 12.30 बजे टांका की चुनी गई तीन दीवारें भरभरा कर गिर गई। इससे टांके के भीतर व दीवार पर खड़े श्रमिक दब गए। इनके चीखने-चिल्लाने की आवाज पर कारखाने से अन्य श्रमिक पहुंचे। उन्होंने आसपास खड़े लोगों व पुलिस को घटना की जानकारी दी और पत्थरों व मिट्टी में दबे लोगों को निकालने में जुट गए। कुछ समय बाद मौके पर पहुंची तीन जेसीबी मशीनों ने एक-एक करके सभी मृतकों व घायलों को बाहर निकाला।

तीन की मौके पर ही मौत
तीन श्रमिक टांके के भीतर कार्य कर रहे थे। वहीं, तीन मजदूर टांके की दीवार पर खड़े होकर पत्थर, ईंट, सीमेंट, बजरी आदि जरूरत की सामग्री उपलब्ध करवा रहे थे। अचानक दीवार ढहने से टांका में खड़े श्रमिक पत्थरों व मिट्टी के नीचे दब गए। इससे धनराज सांसी पुत्र सूराराम सांसी, शंकर सांसी पुत्र पदमाराम सांसी व भाखर मेघवाल पुत्र जोगाराम मेघवाल सभी निवासी बालोतरा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं टांका दीवार पर खड़े धनराज, फिरोज खां, बालाराम सांसी को सिर, हाथ, पैर पर चोट लगी।

छह श्रमिकों की किस्मत अच्छी
यहां 12 श्रमिक टांका निर्माण कर रहे थे। इनमें से तीन श्रमिक टांका के भीतर व तीन दीवारों पर खड़े रहकर सामग्री पहुंचा रहे थे। शेष छह श्रमिक अन्य कार्य कर रहे थे। टांका ढहने के दौरान ये कुछ दूर खड़े थे। इस पर इन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई। घटना के बाद पुलिस ठेकेदार को लेकर थाना पहुंची। इससे घटना को लेकर पूछताछ की।


कारखानों पर ताला, मालिक गायब
जिस कारखाने में कार्य चल रहा था, उसके मालिक के दो-तीन कारखाने हैं। घटना के बाद कारखाना मालिक ने सभी कारखानों में काम बंद करवाया दिया। वहीं, गेट पर ताले लगा दिए। कारखानों के भीतर इक्का दुक्का श्रमिक मौजूद थे।