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टीका दस्तूरी के एक लाख रुपए लौटा दिया दहेज बंद करने का संदेश

- एक रुपया रख कहा- दहेज लेना व देना गलत

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टीका दस्तूरी के एक लाख रुपए लौटा दिया दहेज बंद करने का संदेश

टीका दस्तूरी के एक लाख रुपए लौटा दिया दहेज बंद करने का संदेश

बाड़मेर. शहर के दानजी की होदी बिदासर निवासी वीरमसिंह ने अपने पोते की सगाई पर टीका दस्तूरी के रूप में मिले एक लाख रुपए लौटा दहेज बंद करने का समाज को संदेश दिया।

वीरमसिंह के पौत्र किशनसिंह की एक दिन पूर्व सगाई हुई है। किशनसिंह के ससुराल हेमावास फागलिया से ससुर पूरसिंह व अन्य सगाई करने आए तो टीका दस्तूरी के तौर पर एक लाख रुपए दिए।

किशनसिंह के पिता अमरसिंह व दादा वीरमसिंह ने एक लाख रुपए लौटाते हुए मात्र एक रुपया रखा और कहा कि दहेज लेन-देन गलत है।

अमरसिंह ने बताया कि उनका इकलौता पुत्र किशनङ्क्षसह वर्तमान प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है, वे व्यापारी है।

उनको दहेज नहीं चाहिए। शिक्षक रावतसिंह महेचा ने बताया कि समाज में दहेज प्रथा व टीका दस्तूरी बंद करने के लिए हर किसी को एेसी पहल करनी होगी।

किशनसिंह के पिता अमरसिंह व दादा वीरमसिंह ने एक लाख रुपए लौटाते हुए मात्र एक रुपया रखा हर किसी को एेसी पहल करनी होगी।