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परिवहन विभाग की ओर से स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को लेकर उठाया गया कदम परिवहन निरीक्षकों के लिए परेशानी बना हुआ है। स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का डाटा ऑनलाइन का कार्य अधूरा है, वहीं इनकी जांच के लिए परिवहन निरीक्षकों को रीडर मशीन उपलब्ध नहीं करवाई गई है।
आंतरिक सुरक्षा के साथ ड्राइविंग लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में फर्जीवाड़ा की रोकथाम को लेकर मार्च 2014 में प्रदेश परिवहन विभाग ने बायोमेट्रिक डिटेल प्रणाली को प्रदेश में लागू करने का निर्णय किया था। पिछले साढ़े तीन वर्ष से परिवहन कार्यालयों में स्मार्ट कार्ड लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं। अब तक लाखों लाइसेंस व वाहन रजिस्ट्रेशन जारी किए जा चुके हैं।
लेकिन डाटा ऑनलाइन का कार्य अधूरा है। जानकारों के अनुसार डाटा ऑनलाइन नहीं होने पर जारी किए कार्डों में डाली गई जानकारियों को हर कहीं प्राप्त नहीं किया जा सकता। लाइसेंस के डाटा की जानकारी केवल कार्यालय में लगे सिस्टम पर ही जांची जा सकती है।
नहीं कर सकते जांच
इन मशीनों के अभाव में सड़कों पर वाहनों की जांच नहीं की जा रही है। निरीक्षक कार्ड पर लिखे नाम, पता आदि ही देख सकते हैं। कार्ड की बायोमेट्रिक डिटेल की जांच केवल विभागीय कार्यालय में ही हो सकती है।
लटक रही फाइल
स्मार्ट कार्ड लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की जांच के लिए जरूरी रीडर मशीन को लेकर विभागीय स्तर पर खरीद की प्रक्रिया कई माह से चल रही है। लेकिन अभी तक डिवाइस की खरीद नहीं हो पाई है। परिवहन मुख्यालय से इन कार्डरीडर मशीन की खरीद होने के बाद निरीक्षकों व उपनिरीक्षकों को वितरित की जाएगी।
मुख्यालय पर विचाराधीन
सही बात है स्मार्ट कार्ड रीडर मशीन होने पर दस्तावेजों की जांच में परिवहन निरीक्षकों को आसानी रहती है। मुख्यालय स्तर पर रीडर मशीनों की वितरण की योजना चल रही है। - अर्जुनसिंह राठौड़, प्रादेशिक परिवहन अधिकारी जोधपुर
Published on:
04 Jul 2017 08:51 pm
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