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उधारी के भरोसे आंगनबाड़ी का पोषाहार,अधिकारी बोले- हमारे पास बजट ही नहीं,जानिए पूरी खबर

- 200 स्वयं सहायता समूहों के 84 लाख बकाया- 6 माह से नहीं मिल रही राशि - अधिकारी बोले- हमारे पास बजट ही नहीं

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Trust of borrowing,nourishment, Anganwadi

Trust of borrowing nourishment of Anganwadi

शिव. महिला एवं बाल कल्याण विकास विभाग की ओर से गांव-ढाणियों में गर्भवती, धात्री, किशोरियों व 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को पोषाहार के साथ अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र खोले गए हैं, लेकिन शिव क्षेत्र के सैकड़ों केंद्रों पर पिछले 6 माह से पोषाहार की राशि का भुगतान नहीं हुआ है। इस कारण पंजीकृत महिलाओं व बच्चों के लिए पोषाहार उपलब्ध करवाना स्वयं सहायता समूहों के अब चुनौती बन गया है।
विभाग की ओर से प्रतिमाह आंगनबाड़ी केंद्र पर पंजीकृत महिलाओं एवं बच्चों के लिए पोषाहार उपलब्ध करवाने का जिम्मा स्वयं सहायता समूहों को सौंपा गया है, जो मीनू के अनुरूप पोषाहार आंगनबाड़ी केंद्रों को उपलब्ध करवाते हैं। इन्हें माह के अंत में आवश्यक दस्तावेज जमा करवाने के बाद राशि का भुगतान किया जाता है, लेकिन शिव ब्लॉक के 219 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए संचालित 200 स्वयं सहायता समूहों को पिछले 6 माह से लगभग 84 लाख का भुगतान नहीं किया गया है। इस कारण अब स्वयं सहायता समूह को दुकानदार उधारी से मना कर रहे हैं। ऐसे में आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार की व्यवस्था इस समूहों के बूते से बाहर हो गई है।

यूं समझें बकाया का गणित
0 से 3 वर्ष तक के बच्चे को प्रति सप्ताह 750 ग्राम, गर्भवती महिला, धात्री व किशोरी को 930 ग्राम के पोषाहार के पैकेट दिए जाते हैं। 750 ग्राम पैकेट के 33.75 व 930 ग्राम पैकेट के 41.85 रुपए सरकार की ओर से देय हैं। ऐसे में औसतन एक स्वयं सहायता समूह को प्रतिमाह 7 हजार रुपए पोषाहार के रूप में दिए जाते हैं। इसमें 200 समूह के 6 माह के 84 लाख रुपए बकाया चल रहे हैं।
फैक्ट फाइल

219 आंगनबाड़ी केंद्र है शिव ब्लॉक में
200 स्वयं सहायता समूह कर रहे पोषाहार की आपूर्ति

2581 पंजीकृत गर्भवती व धात्री महिलाएं हैं क्षेत्र में
414 किशोरियां भी हैं पंजीकृत

9678 बालक हैं 6 वर्ष तक के पंजीकृत

जल्द मिले बकाया राशि
पिछले 4-5 माह उधारी से पोषाहार चलाया। अब दुकानदार भी सामग्री देने से मना कर रहे हैं। जल्द ही बकाया राशि का भुगतान किया जाए।

रामदेव, स्वयं सहायता समूह, नेगरड़ा
भेजी है डिमांड

बजट के अभाव में पोषाहार की राशि का भुगतान नहीं हो पाया है। डिमांड उच्च अधिकारियों को भिजवाई हुई है। राशि प्राप्त होते ही भुगतान कर दिया जाएगा।
अनवर खान, सुपरवाइजर, महिला एवं बाल विकास विभाग