16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जल स्रोतों पर श्रमदान पुण्य का काम

https://www.patrika.com/barmer-news/

less than 1 minute read
Google source verification
Work of Shramdan on water sources

Work of Shramdan on water sources

अमृतं जलम्

जल स्रोतों पर श्रमदान पुण्य का काम

श्रम की बूंदों से नहाई कैरलीपुरा नाडी

शिव /बायतु . ग्राम पंचायत कोटड़ा के राजस्व गांव तालों का गांव स्थित गंवाई तालाब में रविवार को नवज्योति शिक्षण संस्थान के सान्निध्य में अमृतं जलम् कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों ने श्रमदान किया। गांव के तारसिंह ने बताया कि पुराने समय में लोग मात्र परंपरागत जल स्रोतों पर ही निर्भर थे। वर्तमान में हमारी उदासीनता के कारण परंपरागत जल स्रोतों की सफाई नहीं हो रही है। इसका नुकसान भी स्थानीय ग्रामीणों को ही होता है। प्रेमसिंह राठौड़ ने कहा कि जल स्रोतों पर श्रमदान पुण्य का काम है। इन से मनुष्य के साथ पशु व पक्षी भी अपनी प्यास बुझाते हैं। संस्थान प्रबंधक दिग्विजयसिंह ने जल संरक्षण की शपथ दिलवाई। सभी ने झाडिय़ों की कटाई के साथ तालाब के मुख्य भाग से मिट्टी हटाई। इस दौरान छुगसिंह, गुलाबनाथ, गोपालसिंह, उदयसिंह, देवीसिंह, रहिमखां, राजेन्द्रसिंह, नवीनसिंह, खेतसिंह सहित कई जने उपस्थित रहे।

श्रम की बूंदों से नहाई कैरलीपुरा नाडी
बायतु . उपखंड की ग्राम पंचायत बायतु चिमनजी के केरलीपुरा नाडी में रविवार को कई ग्रामीणों के साथ जनप्रतिनिधियों ने भी श्रमदान किया। यहां सुबह ही बायतु चिमनजी सरपंच भंवरलाल गोदारा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान के तहत कैरैलीपुरा नाडी में उगी झाडिय़ां की कटिंग की। साथ ही मिट्टी को हटाया गया। ग्रामीणों के श्रमदान से नाडी का रूप निखर गया। इस मौके पर सरपंच भंवरलाल गोदारा ने कहा कि नाडी तालाब में श्रमदान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। सुराराम सारण, मोहनलाल, आसुराम सारण, अशोक कुमार, नेताराम सियाग, प्रतापराम सारण, भंवरलाल सियाग, प्रदीप कुमार, श्रवण सियाग समेत अन्य उपस्थित रहे।