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सौर उर्जा सिस्टम पर मिल रही 14588 रुपए की सब्सिडी

एक किलो वाट वाले उपभोक्ता को 14 हजार 588 रुपए सब्सिडी मिलेगी। यह क्रम तीन किलो वाट तक बरकरार रहेगा।

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सौर उर्जा सिस्टम पर मिल रही 14588 रुपए की सब्सिडी

सौर उर्जा सिस्टम पर मिल रही 14588 रुपए की सब्सिडी

बड़वानी. रुपयोें की बचत और घर की छत पर बिजली उत्पादन को लेकर शहरवासियों का रुझान बढ़ने लगा है। गैर पारंपरिक ऊर्जा स्त्रोत के अंतर्गत सौर ऊर्जा अक्षय ऊर्जा का भंडार है। इसके मद्देनजर विद्युत कंपनी द्वारा सोलर पैनल के माध्यम से बिजली कनेक्शन के लिए शिविर लगाकर प्रोत्साहित किया जा रहा हैं। बिजली कंपनी भी ग्रिड से बिजली देने के बावजूद सोलर बिजली कनेक्शन लगवाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है।

विद्युत वितरण कंपनी के अनुसार अब तक शहर में 51 उपभोक्ताओं ने रूफ टॉप में सोलर संयंत्र लगवाए हैं। इसमें अधिकांश घरेलू कनेक्शन हैं। जानकारी के अनुसार इन उपभोक्ताओं ने एक से तीन किलोवाट से लेकर 10 किलोवाट तक के संयंत्र दुकान और घरों में लगवाए हैं। प्राप्त जानकारी अनुसार 51 उपभोक्ताओं ने 3 लाख यूनिट किलोवॉट की बिजली सोलर ऊर्जा से जला रहे हैं। गुरुवार को विद्युत वितरण कंपनी ने नार्थ एवेन्यू के पीछे स्थित रायल टाउन कॉलोनी में शिविर लगाकर कॉलोनीवासियों को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए प्रेरित किया। लोगों को पंपलेट बांटे और बैठाकर विस्तार से बिजली व रुपयों की बचत का गणित समझाया। इसके तहत एक किलो वाट वाले उपभोक्ता को 14 हजार 588 रुपए सब्सिडी मिलेगी। यह क्रम तीन किलो वाट तक बरकरार रहेगा। वहीं चार से 10 किलो वाट के उपभोक्ताओं को सब्सिडी का दायरा 9200 रुपए प्रति किलो मिलेगा।

एसी चलाने वालों को अधिक फायदा

सोलर ऊर्जा से दुकान व प्रतिष्ठान अधिक फायदा उठा रहे हैं। दरअसल सोलर पैनल से सीधे ऑनलाइन बिजली सप्लाई होती है। यह बिजली बैटरी में स्टोर नहीं होती। जब तक दिन है तक तब सोलर पैनल की बिजली घरों व दुकानों में इस्तेमाल होती रहती है। जैसे कॉलेज, होटल व प्रतिष्ठान दिन में ही खुलती हैं। इसलिए सबसे अधिक फायदा इन्हीं को ही होता है। रात में रोशनी और अन्य इलेक्ट्रिक सामग्री संचालित करने के लिए बिजली कंपनी की ही बिजली इस्तेमाल करनी होगी। वहीं बिना बैटरी सीधे सोलर पैनल से बिजली बनकर दिन में इस्तेमाल की जाती है। गर्मी में इस बिजली का फायदा सबसे अधिक होगा। कंपनी के अधिकारियों का कहना हैं कि एयर कंडीशनर वाले घर व प्रतिष्ठान सीधे सोलर ऊर्जा से एसी चलाकर 50 फीसद बिजली बचत कर सकते हैं। दिन में किसी भी विद्युत उपकरण को इस बिजली से चलाया जा सकता है।

किलो वाट- सब्सिडी

1 से 3 ----- 14588(प्रति किलो वाट)

4 से 10-----9200(प्रति किलो वाट)

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उपभोक्ताओं का प्रेरित कर रहे हैं

बिजली कंपनी ने शहरी क्षेत्र में अब तक 51 स्थानों पर सोलर पैनल स्टाल किए हैं। सोलर पैनल के माध्यम से दिन में पूरी बिजली जलाई जा सकती है। यदि दिन की बिजली बचत भी होती है तो उसे रात में जलने वाली खपत में साल भर में क्रेडिट की जा सकती है। जिससे बिजली बिल की भी बचत हो सकती है। फिलहाल कंपनी शिविर लगाकर लोगों को सौर उर्जा के प्रति प्रोत्साहित कर रही हैं।

-स्वपनिल डावर, सहायक यंत्री, विविकं बड़वानी


पीजी कॉलेज में लगा हैं सबसे बड़ा संयंत्र

जानकारी के अनुसार शहर में घरेलू के साथ सरकारी कॉलेज, निजी स्कूल, कॉलेज, हॉस्पिटलों में कुल 51 कनेक्शन सोलर उर्जा के लग चुके हैं। मुख्य रुप से एसबीएन पीजी कॉलेज में 20-20 किलो वाट के दो संयंत्र लगे हैं। इसमें दिन के समय यह उपभोक्ता सोलर उर्जा का ही उपयोग करते हैं। जबकि रात में ही विद्युत कंपनी की बिजली उपयोग में आती हैं। प्रतिमाह बिलिंग में इनकी बिजली के लेन-देन का हिसाब होता है।