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53 वें धर्मगुरु ने दिया संदेश-कोई तुम्हारे साथ लाख बुरा करें, तुम उसके लिए अच्छा ही करना

कोई बुराई न करना, कोई बुराई करे तो उसके साथ भलाई करना। किसी के प्रति हसद (जलन) मत रखना। कोई तुम्हारे साथ लाख बुरा करें तुम उसके लिए अच्छा ही करना।

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53 वें धर्मगुरु ने दिया संदेश-कोई तुम्हारे साथ लाख बुरा करें, तुम उसके लिए अच्छा ही करना

53 वें धर्मगुरु ने दिया संदेश-कोई तुम्हारे साथ लाख बुरा करें, तुम उसके लिए अच्छा ही करना

बड़वानी. कोई बुराई न करना, कोई बुराई करे तो उसके साथ भलाई करना। किसी के प्रति हसद (जलन) मत रखना। कोई तुम्हारे साथ लाख बुरा करें तुम उसके लिए अच्छा ही करना। आज मौला अली की शहादत के दिन आंसू बहाकर और या अली या अली कह कर मातम कर लें। रमजान की उन्नीसवी वीं तारीख अली मुश्कीलकुशा की शहादत के दिन बोहरा समाज के 53 वें धर्मगुरु डॉक्टर सैयदना आलीकदर मुफद्दल मौला ने रिकार्डेड वाअज के प्रसारण में कहे। आलीकदर मौला ने अली मुश्किलकुशा का विस्तृत बयान करते हुए कहा कि रमजान माह मे मौला अली फुफा शहर के तमाम लोगों को भोजन करवाते। आपके दोनों शहजादे इमाम हसन और इमाम हुसैन स्वयं सभी को अपने हाथों से भोजन की परोसगारी करते। सैयदना आलीकदर मुफद्दल मौला ने सय्यदी फखरुद्दीन शहीद मौला का जिक्र करते हुए कहा कि जो भी नीयत कर यहां ज्यारत के लिए आते है, बाबजी मौला उनकी हर उम्मीद पुरी करते हैं।

समाजजनों की आंखों से बह निकले आंसू

समाज के इब्राहिम रिजवी ने बताया कि वाअज में आलीकदर मौला ने लयलतुल कद्र पर समाजजनों से पुरी रात खुदा की बंदगी और रमजान के शेष दिनों मे इबादत करते हुए खैर (नेक) काम करने का आह्वान किया। मुफद्दल मौला ने 52 वें दाई सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन मौला का जिक्र किया तो समाजजन की आंख से आंसू बह निकले। 52 वें दाई बुरहानुद्दीन मौला ने अली मुश्किलकुशा के शहादत के दिन दुनिया भर मे जहां समाज के लोग निवासरत है वहां भोजन उनकी और से हो ये रस्म शुरू की थी। आज ये रस्म 53 वें दाई आलीकदर सैैयदना मुफद्दल सैफुद्दीन मौला ने भी जारी रखी है। आज की न्याज का आयोजन संपूर्ण विश्व मे जहां बोहरा समाजजन निवासरत है, सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौला की और से किया गया है। वाअज मे आलीकदर मुफद्दल ने समाजजनों को अली मुश्किलकुशा की शहादत के दिन अपनी और से न्याय (भोजन) का इजन (न्योता) दिया।


गलियाकोट पहुंच रहे समाजजन

इस वर्ष हिजरी सन 1444 मे बोहरा समाज के 53वें दाई सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौला रमजान माह मे इबादत राजस्थान के बोहरा समाज का प्रमुख तीर्थ स्थल सय्यदी फखरुद्दीन शहीद मौला की दरगाह गलियाकोट (ताहेराबाद) में कर रहे है। शहर से भी समाजजन सैयदी फखरुद्दीन शहीद मोला की ज्यारत के साथ सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन मोला के दीदार और आपके साथ इस पवित्र माह में खुदा की बंदगी के लिए गलियाकोट जा रहे है। शहर मे इस वर्ष रमजान मे न्याज की खिदमत फखरी ग्रुप के युवा कर रहें हैं।