16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दत्त जयंती पर हुआ दाल टिक्कड़ का चौकाबंद भंडारा

ठीकरी में दत्त जयंती पर दाल टिक्कड़ का चौकाबंद भंडारा हुआ, 25 गांव से आए 30 हजार भक्त, हुए कई अनुष्ठान

2 min read
Google source verification
Bhandara on Shri Dutt Jayanti

Bhandara on Shri Dutt Jayanti

बड़वानी. ठीकरी में दत्त जयंती पर दाल टिक्कड़ का चौकाबंद भंडारा हुआ। इस दौरान में जगह-जगह श्री दत्त भगवान की पूजा अर्चना कर अनुष्ठान संपन्न हुए। जय भोले की आश्रम समिति के धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि समिति द्वारा विगत 7 वर्षों से दत्त जयंती पर भूरानंद महाराज की याद में एवं परमानंद जी महाराज के मार्गदर्शन में ठीकरी नगर में दाल टिक्कड़ का भंडारा किया जाता है। इसमें आसपास के क्षेत्र घटवा, कुआं, उमरदा, भगवानपुरा, सेगवाल, जरौली, जरवाह, मगरखेड़ी आदि गांव से 25 से 30 हजार भक्त शामिल हुए।
बड़वाह से बुलाए थे कारीगर
दाल टिक्कड़ को बनाने के लिए बड़े-बड़े तवे उपयोग में लिए गए थे। सभी भोजन प्रसादी लकड़ी की भट्टियों पर बनाई गई। भंडारे के लिए विशेष रूप से बड़वाह के 45 कारीगर बुलाए थे। वहीं 35000 स्क्वेयर फीट पंडाल लगाया था। सदस्यों ने बताया कि भंडारा सुबह 8 बजे प्रारंभ हुआ, जो शाम 7 बजे तक चला। भोजन प्रसादी बनाने के लिए 4 हजार स्क्वेयर फीट का चौका बनाया गया है। सदस्यों द्वारा पिछले एक माह से आसपास के सभी 25 से 30 गांव में घर-घर जाकर इस भंडारे में आने के लिए निमंत्रण दिया गया है। भंडारा पटेल फार्म हाउस पर हुआ। कार्यक्रम में मेहताखेड़ी से अच्युतानंद महाराज, अरविंद दादा, देपालपुर से मोइन सरकार, एचेनपुरा से त्यागी महाराज, सेंधवा से गोविंद महाराज, विमलेश्वर से बर्फानी बाबा, कठोरा से भिखारीदास महाराज आदि संत शामिल हुए। आश्रम समिति द्वारा सभी संतों का सम्मान कर वस्त्र भेंट कर विदाई दी गई।
2012 में भंडारे की हुई थी स्वीकृति
जय भोले की आश्रम समिति के धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस दिन नगर के सभी घरों में चौकाबंद रखा जाता है। नगर के सभी लोग भंडारे में भोजन करते है। इसीलिए इसे चौकाबंद भंडारा कहते है। परमानंद महाराज का आश्रम बड़वाह के पास मेहताखेड़ी ग्राम में है। सतगुरु परमानंद महाराज अपने गुरु भूरानंद महाराज की सेवा में आश्रम में ही रहते थे। सदगुरु भूरानंद बाबा की याद में प्रतिवर्ष ठीकरी में इस भंडारे की स्वीकृति 2012 में परमानंद बाबा ने दी थी। आमतौर पर भंडारे में पूड़ी, नुगदी व सब्जी बनाई जाती है, लेकिन ठीकरी का चौकाबंध भंडारा अपने आप में निराला है। यहां पर भक्तों को भोजन प्रसादी में दाल टिक्कड़ की प्रसादी परोसी जाती है।

भंडारे में भक्तों ने ग्रहण की प्रसादी
खेतिया. दत्त जयंती और श्री दत्त दत्तात्रेश्वर महादेव मंदिर की 34वीं वर्षगांठ पर भंडारा हुआ। दत्त उपासक मंडल के प्रमुख संतोष चौहान और ईश्वर महाले ने बताया कि प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी दत्त जयंती पर स्थानीय नगर परिषद पार्क में भंडारा हुआ। इसमें करीब 15 से 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इसमें मसाला चावल, मठ की सब्जी और बुंदी की प्रसादी बांटी गई। भंडारे का ये 17वां वर्ष था।
इसमें विशेषता ये रही कि प्लास्टिक की पत्तल, दोने और गिलास का उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहा। इस भंडारे में विधायक चंद्रभागा किराड़े ने मौजूद होकर परोसदारी की। इस मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष चंदनबाई बागुल, उपाध्यक्ष प्रदीप निकुम सहित सभी पार्षद और ग्रामीणों का सहयोग रहा। इसमें स्वच्छता का ध्यान रखा गया। नागरिकों को स्वच्छता के संबंध में टीम डिवाईन ने समझाइश दी।