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नेक में नाक नीचीं है हमारे कॉलेजों की

शिक्षा के क्षेत्र में अपना अलग मुकाम रखने वाले बड़वानी के कॉलेजों की यूजीसी की नजर में ज्यादा अच्छी इमेज नहीं है।

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PG College Sendhwa, Barwani

PG College Sendhwa, Barwani

सादिक अली. सेंधवा
शिक्षा के क्षेत्र में अपना अलग मुकाम रखने वाले बड़वानी जिले के कॉलेजों की यूजीसी की नजर में ज्यादा अच्छी इमेज नहीं बन पा रही है। कॉलेजों के विकास और रिसर्च प्रोजेक्ट के अलावा फंडिंग के लिए यूजीसी नेक की ग्रेड लेना जरूरी है। लेकिन जिले के सात सरकारी कॉलेज नेक की ए ग्रेड हासिल करने में अब तक पीछे हैं। स्थिति यह है कि सात में से बड़वानी और अंजड़ के तीन कॉलेजों को नेक की ग्रेड मिली है, इनमें से शासकीय महाविद्यालय बड़वानी और शासकीय महाविद्यालय अंजड़ को बी ग्रेड मिली हुई है। जबकि बड़वानी के कन्या महाविद्यालय को सी ग्रेड मिली है। शेष कॉलेजों में तक अबतक नेक पीयर टीम की विजिट तक नहीं हुई है। इसका खामियाजा कॉलेज के अलावा रिसर्च स्कॉलर्स को भी उठाना पड़ रहा है।
जिले में शासकीय महाविद्यालय बड़वानी, शासकीय महाविद्यालय सेंधवा, कन्या महाविद्यालय बड़वानी, शासकीय महाविद्यालय अंजड़, शासकीय महाविद्यालय राजपुर, शासकीय महाविद्यालय निवाली और शासकीय महाविद्यालय पानसेमल हैं। इनमें सेंधवा, राजपुर, निवाली और पानसेमल के कॉलेज यूजीसी नेक ग्रेड अब तक हासिल नहीं कर पाए। हालांकि इनमें पानसेमल का कॉलेज फिलहाल नेक ग्रेड के लिए पात्र नहीं है, लेकिन अन्य कॉलेज वर्षों पुराने होने के बाद भी यूजीसी की ग्रेड हासिल करने में अब तक नाकाम ही रहे हैं।

क्यों जरूरी है नेक
सेंधवा कॉलेज में यूजीसी समिति के प्रभारी महश बाविस्कर के मुताबिक मानव संसाधन विकास मंत्रालय और यूजीसी ने सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को ग्रेड में बांटा हैं। इसी आधार पर कॉलेजों की रेंकिंग होती है। नेक ग्रेड नहीं होने से कॉलेजों को यूजीसी से फंड नहीं के बराबर मिलता है। जिस कॉलेज की जैसी ग्रेड होगी उसे उसी आधार पर फंड, प्रोजेक्ट आदि मिलते हैं। ग्रेडिंग वाले कॉलेजों को यूजीसी से बड़े प्रोजेक्ट मिलते हैं। जिससे रिसर्च स्कॉलर्स को सुविधाएं मिलती हैं। कॉलेज का डेवलपमेंट बेहतर तरीके से होता है। साख भी बढ़ती है।

शासकीय महाविद्यालय सेंधवा
स्थापना-196 4 लेकिन शासन के अधीन 73 में आया
नेक ग्रेड-नहीं। कॉलेज के नाम को लेकर अटका है मामला
विद्यार्थियों की संख्या-2200 से ज्यादा
रिसर्च प्रोजेक्ट-नहीं
रिसर्च सेंटर-नहीं
प्रभारी प्राचार्य- डॉ. घनश्याम अग्रवाल के अनुसार

शासकीय महाविद्यालय राजपुर
स्थापना-1988
नेक ग्रेड-नहीं है। एसएसआर भेजी है
विद्यार्थियों की संख्या-760
रिसर्च प्रोजेक्ट-नहीं
रिसर्च सेंटर-नहीं
वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. अवास्या के अनुसार

शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय निवाली

स्थापना-2006
नेक ग्रेड-नहीं
विद्यार्थियों की संख्या-500 से ज्यादा
रिसर्च प्रोजेक्ट-नहीं
रिसर्च सेंटर-नहीं
प्रभारी प्राचार्य किरण तावड़े के अनुसार

शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बड़वानी

स्थापना-1957
नेक ग्रेड-बी-2013-14 में
विद्यार्थियों की संख्या-6 000
रिसर्च प्रोजेक्ट-3
रिसर्च सेंटर-है। जिले के कॉलेजों को भी देता है मार्गदर्शन। 35 से 40 पीएचडी विद्यार्थी हैं रजिस्टर्ड
प्रभारी प्राचार्य एनएल गुप्ता के अनुसार

शासकीय कन्या महाविद्यालय बड़वानी

स्थापना-198 4
नेक ग्रेड-सी-2014 में
विद्यार्थियों की संख्या-1040
रिसर्च प्रोजेक्ट-नहीं
रिसर्च सेंटर-नहीं
प्रभारी प्राचार्य डॉ. पुरषोत्तम गोतम के अनुसार

शासकीय महाविद्यालय अंजड़

स्थापना-198 4
नेक ग्रेड-बी-2016 में
विद्यार्थियों की संख्या-740
रिसर्च प्रोजेक्ट-02
रिसर्च सेंटर-है
प्रभारी प्राचार्य डॉ. इस्माइल अली बेग के अनुसार

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