21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

चुनाव लड़ना है तो पहले जमा कर दें ये पैसा, जिला पंचायत ने जारी की लिस्ट

जिला पंचायतों ने उन सरपंचों के नाम की लिस्ट जारी कर दी है, जिन्हें किसी न किसी मद में सरकारी पैसा चुकाना है.

2 min read
Google source verification
चुनाव लड़ना है तो पहले जाम कर दें ये पैसा, जिला पंचायत ने जारी की लिस्ट

चुनाव लड़ना है तो पहले जाम कर दें ये पैसा, जिला पंचायत ने जारी की लिस्ट

सेंधवा. जिला पंचायतों ने उन सरपंचों के नाम की लिस्ट जारी कर दी है, जिन्हें किसी न किसी मद में सरकारी पैसा चुकाना है, चूंकि बकाया पैसा नहीं चुकाने पर आप चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, इसलिए पहले बकाया पैसा जमा करा दें। अगर आपको पता नहीं है कि आपके नाम से कितना रुपया बकाया है, तो इसकी जानकारी भी आपको जिला पंचायत से लग जाएगी।

त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के लिए नाम निर्देशन की गतिविधि चल रही हैं। हर क्षेत्र में आदिवासी समाज के लोग और अन्य ग्रामीण चुनाव में दावेदारी को लेकर तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच कुछ पंचायतें ऐसी भी है, जहां सरकारी पैसे के बकाया को लेकर सरपंच चुनाव लडऩे में अक्षम हो सकते हैं। निर्माण कार्यों सहित अन्य योजनाओं के चलते सरकारी पैसों के गबन के आरोप लग रहे हैं। इसलिए जिला पंचायत द्वारा पंचायतों की सूची जारी की है। अब सरपंचों की जिम्मेदारी है कि वे सरकारी बकाया पैसा जमा करें या चुनाव लडऩे में अपात्र हो जाएं।
पारित हुआ है आदेश

जिपं सीईओ और प्राधिकृत अधिकारी द्वारा जारी सूची में पंचायत अधिनियम की धारा 92 के अनुसार 12 पंचायतें डिफॉल्टर की श्रेणी में है। ग्राम पंचायत उमर्टी की सरपंच सुगरी बाई पर 56 हजार 739 रुपए, छितराई की सरपंच भागाबाई पर 60 हजार रुपए, किडिअंबा सरपंच वरली बाई पर 92 हजार 676 रुपए , पांजरिया के सरपंच राजाराम लकडिया पर 1 लाख 20 हजार रुपए, मोहनपुरा के बायजाबाई तेरसिंह पर 1 लाख 25 हजार रुपए, कलालदा की रलीबाई पर 1 लाख 80 हजार रुपए, देवली की झीनाबाई पर 2 लाख 68 हजार रुपए, लवाणी की हासली बाई पर 4 लाख रुपए, चिखली की बिदिया बाई पर 9 लाख 36 हजार रुपए, देवली के लखा बजरिया पर 10 लाख 49 हजार रुपए, बनिहार के भायला लच्छा पर 13 लाख 54 हजार रुपए बकाया है।

नाम निर्देशन का काम जारी

ग्राम पंचायतों में सरपंच, पंच आदि सीटों के लिए नाम निर्देशन की प्र?िया जारी है। आवेदक सुबह से शाम तक जनपद पंचायत में दिख रहे है। कोई दास्तावेज प्रमाणित कराने में व्यस्त है, तो कई ऐसे उम्मीदवार है, जिन्होंने अपने फॉर्म आरओ सेंटर पर जमा करा दिया है। अभी तक 11 आवेदन सरपंच के मिले हैं।

जिम्मेदार अफसरों की लापरवाही आई सामने

सेंधवा जपं की 12 पंचायतों पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर लाखों रुपए आवंटित किए गए थे। जनपद पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की वजह से सिर्फ 2021 में ही 11 सरपंचों सचिवों पर शासकीय पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगा। वहीं 2022 में 1 सरपंच पर यही आरोप लगा है। बकायदा जिला पंचायत के प्राधिकृत अधिकारी द्वारा सूची तैयार की गई है। अब ये सरपंच जब तक सरकारी पैसा खजाने में जमा नहीं कर देते, तब तक तो इन्हें चुनाव लडऩे की पात्रता नहीं रहेगी।

यह भी पढ़ें : मछली पकड़ने गए थे गैंगस्टर, चली दनादन गोलियां, मुख्तार मलिक की मौत, जानिये गैंगवार का पूरा मामला

जिला पंचायत द्वारा रिकवरी को लेकर जो सूची जारी की गई है। उसमें से किसी भी सरपंच ने कोई पैसा जमा नहीं कराया है। अभी तक 11 आवेदन सरपंच पद के लिए मिले हैं।

मनीष पांडे, तहसीलदार सेंधवा