
Farmer suicides by debt
बड़वानी. जिले की पानसेमल विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का आगमन होना है। मुख्यमंत्री के दौरे से दो दिन पहले कर्ज से परेशान एक आदिवासी किसान की आत्महत्या का मामला फिर सामने आया है। परिजनों का कहना है कि किसान को एक माह पूर्व ही कर्ज को लेकर सोसायटी का नोटिस मिला था, जिसके बाद से वो परेशान था। मंगलवार रात खेत में पानी देने गए किसान ने खेत में ही कीटनाशक दवा पी ली। इसके बाद घर पहुंचकर अपनी बहू को जानकारी दी। घटना राजपुर तहसील के पलसूद के पास मुजालीखुर्द गांव की है। रात 1 बजे किसान को परिजन जिला अस्पताल लाए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
खेत में पानी देने गया था
मुजालीखुर्द गांव के निवासी आदिवासी किसान रेमसिंग पिता वेचला (45) मंगलवार रात खेत में पानी देने गया था। रात 12 बजे रेमसिंग घर लौटा और घर में सो रही बहू लुयसीबाई को उठाया कर बताया कि उसने दवा पी ली है। इसके बाद लुयसीबाई ने परिजनों को खबर दी। रात को ही किसान को लेकर परिजन जिला अस्पताल पहुंचे। यहां सुबह उसकी मौत हो गई। बुधवार सुबह अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा।
1.22 लाख का कर्ज था किसान पर
किसान के पुत्र गमरसिंह ने बताया कि 4 एकड़ की खेती है। सोसायटी का 1.22 लाख रुपए का कर्ज है। पिछले माह कर्ज चुकाने को लेकर नोटिस मिला था। खेत में लगाई कपास की फसल खराब हो गई थी। उसके बाद लगाया मक्का और ज्वार भी खराब हो गया था। आर्थिक परेशानी के कारण मां और दो भाई परिवार सहित गुजरात मजदूरी के लिए चले गए। वो और पिता खेत संभाल रहे थे। गांव के सरपंच बारचा पिता संपत ने बताया कि कुछ दिन पूर्व ही रेमसिंग ने उसे कहा था कि कर्ज के कारण बहुत परेशान हूं। सरपंच ने बताया किसान बहुत ही सीधा था, जिसके कारण डरा हुआ था। उन्हें अंदाजा नहीं था कि रेमसिंग आत्मघाती कदम उठा लेगा।
Published on:
22 Nov 2017 11:57 am
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