
Five months later, the old bridge at Rajghat, back water was reduced
बड़वानी. बैक वाटर का असर कम होने के बाद पिछले पांच महीनों से पानी में डूबा राजघाट का पुल अब दिखने लगा है। लगातार कम होते जलस्तर के देखते हुए कुछ ही दिनों में पुराने पुल से आवागमन शुरू होने का अनुमान लगाया जा रहा है। जब से सरदार सरोवर के बैक वाटर की डूब आई है, तभी से ये पुल जलमग्न हो चुका है। कई महीनों बाद पुल पानी से बाहर आ गया है तो कई लोग यहां देखने के लिए पहुुंच रहे हैं। वहीं जलस्तर कम होने से दत्त मंदिर के सामने घाट की सीडिय़ों के ऊपरी छोर तक पानी पहुंच गया है। राजघाट में जलस्तर भले ही कम हो गया है, लेकिन यहां पसरे कीचड़ से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कीचड़ के कारण यहां स्नान करने वालों को समस्याएं हो रही है।
सूखे पेड़ों से है खतरा
बैक वाटर की डूब के कारण राजघाट के सभी पेड़ डूब गए थे। ये पेड़ अब पानी से बाहर आए तो पूरी तरह सूख चुके हैं। वहीं ये सूखे पेड़ झूक भी रहे हैं। अब इन सूखे पेड़ों के गिरने का डर बना हुआ है। ऐसे में किसी दिन ये पेड़ तेज हवा में गिरे तो किसी के लिए भी खतरा बन सकते हैं।
Published on:
10 Feb 2020 10:50 am
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