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दिगंबर जैन मंदिर में हुए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान

दिगंबर जैन संतों के सानिध्य में हुए विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, बड़वाह से आए युवा संगीतकार ने सुंदर भजन प्रस्तुत किए

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 Program at Barwani Digambar Jain Temple

Program at Barwani Digambar Jain Temple

बड़वानी. दिगंबर जैन समाज के महान संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महामुनिराज के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री विनम्र सागर व संघस्थ आठ मुनिराजों के सानिध्य में दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार सुबह भगवान का अभिषेक व शांतिधारा संपन्न हुई। इस दौरान मुनिश्री के पाद प्रक्षालन, आरती, मंगलाचरण आदि के आयोजन हुए। समाज के मनीष जैन ने बताया कि दोपहर को स्थानीय शुभम पैलेस में धर्मसभा हुई। इस दौरान चित्र अनावरण समाज के युवा संघ द्वारा किया गया। महिला मंडल द्वारा दीप प्रज्जवलन किया। वहीं खातेगांव से आई पाठशाला की बच्चियों द्वारा मंगलाचरण की प्रस्तुति दी गई।
बड़वाह से आए युवा संगीतकार कमल जैन ने सुंदर भजन प्रस्तुत किए। साथ ही आचार्य श्री का पूजन संपन्न कराया। शांतिधारा का सौभाग्य नवीन कुमार रुपेश कुमार जैन, सुरेश चंद काला, दीपचंद पहाडिय़ा, जितेंद्र कुमार, देवेंद्र कुमार गोधा परिवार को मिला। वहीं मुनिश्री के पाद प्रक्षालन युवा तरुणाई रितिक काला, सिद्धार्थ जैन, गौतम गोधा, तुषार जैन आदि लोगों ने किया। रुपेश कुमार नवीन कुमार जैन परिवार द्वारा मुनिश्री को शास्त्र भेंट करने का सौभाग्य प्राप्त किया। वहीं मुनिश्री ने धर्म सभा में राजा प्रद्योत और रानी जिन दत्ता की कथा का दृष्टांत दिया। वहीं मुनिश्री ने कहा कि दिगंबर मुनि को निरपेक्षित मुनि कहा गया है। दिगंबर मुनि कभी किसी से कोई अपेक्षा नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि जैन दो प्रकार के होते है। एक अंदर से और एक बाहर का जैन। बाहर के जैन के तीन लक्षण है। जिनमें प्रतिदिन जिनेंद्र भगवान का पूजन, रात्रि भोजन त्याग और बिना छने पानी का त्यागा।