छात्राएं बाइक सवार से लिफ्ट लेकर शहर के कल्याणपुरा में एनजीओ में प्रशिक्षण लेने जा रही थी
बस्सी @ पत्रिका. शहर स्थित रेलवे ओवर ब्रिज रविवार सुबह बस्सी शहर की ओर तेजगति में जा रहे एक डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार बस्सी थाने के दीपपुरा निवासी दो चचेरी बहनों सहित बाइक चालक दौसा के नांगलराजावतान थाना इलाके के रानिवास निवासी युवक की दर्दनाक मौत हो गई । हादसा होते ही डंपर चालक कुछ दूरी पर डंपर छोड़ कर फरार हो गया।
बस्सी थाना पुलिस ने बताया कि दीपपुरा निवासी प्रिया शर्मा (23) पुत्री गिरिराज शर्मा खुशी शर्मा (21) पुत्री प्रहलाद शर्मा बस्सी चक पर बस्सी शहर के कल्याणपुरा में एक कन्या एनजीओ में प्रशिक्षण लेने के लिए दौसा जिले के नांगलराजावतान थाने के रानीवास खुशीराम पुत्र कजोडमल बैरवा से लिफ्ट लेकर उसकी बाइक पर बैठ गई। शहर के आरओबी पर बस्सी शहर की ओर उतरते वक्त पिछे से तेजगति में आ रहे खाली डंपर ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीनों मृतकों के शव को एंबुलेंस की मदद से उप जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए। जहां परिजनों की मौजूदगी में तीनों का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए। सड़क हादसे में जान गंवा देने वाली इन दोनों युवतियों की कुछ देर बाद ही शिनाख्त हो गई, लेकिन बाइक सवार युवक की शिनाख्त करीब तीन घंटे बाद शिनाख्त हुई। ( कासं / निसं )
चक से लिफ्ट लेकर एनजीओ में प्रशिक्षण लेने जा रही थी चचेरी बहनें —-
पुलिस ने बताया कि प्रिया और खुशी अपने गांव से प्रतिदिन बस्सी के कल्याणपुरा में एनजीओ में प्रशिक्षण लेने के लिए आती थी। रविवार को भी दोनों बहने घर से किसी वाहन से बस्सी चक तक आ गई। यहां पर अन्य वाहन नहीं मिलने पर चक से बस्सी की ओर मोटरसाइकिल पर जा रहे खुशीराम को रोककर उसे लिफ्ट लेकर उसकी बाइक पर बैठ गई। खुशीराम दोनों को बैठा कर बस्सी जा रहा था, इसी दौरान आरोबी पर पिछे से तेजगति में आ रहे एक डंपर ने उसको टक्कर मार दी, जिससे तीनों की मौत हो गई।
रोजाना पिता के साथ जाती थी खुशी और उसकी चचेरी बहन ——-
पुलिस थाने ड्यूटी अधिकारी एएसआई तोताराम ने बताया कि खुशी के पिता बस्सी स्थित एक निजी स्कूल में अध्यापक है। दोनों चचेरी बहनें खुशी के पिता के साथ ही रोजाना बाइक से घर से शहर के कल्याणपुरा में स्थल तक जाती आती थी, लेकिन रविवार को नियति को कुछ और मंजूर था। इसलिए खुशी के पिता ने कुछ व्यस्ताओं के चलते दोनों को किसी अन्य वाहन से बस्सी जाने के लिए कह दिया। दोनों चचेरे बहने घर से बस्सी चक किसी वाहन में बैठकर आ गई। वे चक मोड़ पर जब वे बस या ऑटो का इंतजार कर रही थी, तभी हाइवे से बस्सी की ओर जा रहे बाइक चालक खुशीराम से उन्होंने लिफ्ट मांग कर उसकी बाइक पर बैठ गई। लेकिन रास्ते में ही हादसा होने से तीनों की मौत हो गई।
आरओबी व अस्पताल में जमा हो गई भीड़
सड़क हादसे की सूचना मिलते ही बस्सी शहर में आरओबी पर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हो गए। लोगों ने पुलिस को फोन किया तो पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एम्बुंलेस से तीनों के शव उपजिला अस्पताल पहुंचाए, जहां पर जिसने सुना वही दौडा़ चला आया। इधर इन युवतियों के परिजनों ने जब बेटियों की मौत की खबर सुनी तो वे तुरंत उपजिला अस्पताल आ गए, जहां पर उनका रो- रो कर बुरा हाल था।
मजदूरी कर जीवन व्यापन करता था खुशीराम…
खुशीराम के परिजनों ने बताया कि खुशीराम मजदूरी कर अपना जीवन व्यापन कर रहा था। वह बस्सी शहर में एक मकान में मजदूरी का काम करता था। खुशीराम रोजाना अपने गांव रानीवास के लिए बाइक से अपडाउन करता था। ( कासं / निसं )