
बस्सी (जयपुर)। आंगनबाड़ी केन्द्र डेड़पुरा के लिए करीब दो किलोमीटर दूर लाखों रुपए की लागत से नए भवन का निर्माण करवाया गया। करीब पांच माह पहले खुद जिला प्रमुख अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में भवन का उद्घाटन कर वाहवाही भी लूट चुके हैं, लेकिन भवन अब तक बंद पड़ा है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी व कार्मिक भवन गांव से दूर बताकर नए केन्द्र में बच्चे ले जाने से मना कर रहे हैं।
जानकार सूत्रों के अनुसार कचौलिया ग्राम पंचायत के गांव डेड़पुरा में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए भवन नहीं होने के कारण इसे राजकीय प्राथमिक विधालय में संचालित किया जा रहा है, जबकि खुद राजकीय प्राथमिक विधालय में भवन के नाम पर सिर्फ दो ही कमरे हैं। इनमें से एक में विधालय और एक में आंगनबाड़ी केन्द्र चल रहा है। इससे पांच कक्षाओं को एक ही कक्ष में या बाहर बैठाकर पढ़ाया जाता है। इससे पहले आंगनबाड़ी केन्द्र किराए की भवन में संचालित था। सूत्रों की मानें तो भवन निर्माण के लिए सीडीपीओ कार्यालय की मांग पर ग्राम पंचायत कचौलिया की ओर से डेड़पुरा बस स्टैण्ड पर करीब आठ-नौ साल पहले आबादी भूमि में भूखंड आवंटित कर दिया, इसके आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने पट्टे को भवन निर्माण के लिए उच्चाधिकारियों को भेज दिया। इसके बाद इसकी फाइल पंचायतीराज विभाग में पहुंच गई और करीब डेढ़ साल पहले भवन निर्माण के लिए करीब 13 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हो गए।
उद्घाटन को लेकर हुई थी राजनीति
सूत्रों के अनुसार भाजपा नेताओं ने इस भवन का उद्घाटन क्षेत्रीय सांसद हरीश मीना से 20 फरवरी 2017 को करवाना चाहते थे, लेकिन सरपंच के विरोध के कारण यह उद्घाटन नहीं हो पाया था। इसके बाद 24 जून 2017 को ग्राम पंचायत की ओर से केन्द्र का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि जिला प्रमुख मूलचंद मीना एवं विशिष्ट अतिथि बस्सी पंचायत समिति के प्रधान गणेशनारायण शर्मा व जिला परिषद सदस्य रामजीलाल मीना थे। अध्यक्षता सरपंच बुनकर ने की थी। अनावरण पट्टिका पर पंचायत समिति सदस्य अंजू कंवर एवं उप सरपंच गुड्डी देवी मीना का भी नाम लिखवाया गया। इस दौरान जिला प्रमुख मीना ने आंगनबाड़ी केन्द्र के नए बनने से होने वाले लाभों को बताया। साथ ही उन्होंने इसके समीप ही स्कूल भवन के लिए भूमि आवंटित करवाने का भरोसा दिलाया था, लेकिन मजेदार बात ये है कि इस भवन में केन्द्र ही संचालित नहीं हो पा रहा है।
भवन भी तैयार हो गया
ग्राम पंचायत की सरपंच विमला देवी बुनकर ने बताया कि जिला परिषद से करीब 13 लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी, जिस पर ग्रामीणों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों की सहमति से आवंटित भूमि पर आंनबाड़ी केन्द्र भवन का निर्माण करवा दिया गया। सरपंच ने बताया कि भवन को तैयार हुए एक साल हो चुका है।अब याद आई 'दूरी' ग्रामीणों की मांग है कि जब नया भवन तैयार हो तो आंगनबाड़ी केन्द्र इसी में चलना चाहिए, जिससे प्राथमिक विधालय को एक अतिरिक्त कमरा मिल सके, लेकिन महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षक गीता बिलौनिया का कहना है कि केन्द्र डेड़पुरा से नए भवन की दूरी करीब दो किलोमीटर है। छोटे बच्चे वहां नहीं जा सकते हैं। ऐसे में नए भवन तक बच्चों को कौन लाएगा-ले-जाएगा। इस कारण नए भवन को उपयोग में नहीं ले सकते हैं।
सवाल ये है...
यह सही है कि राजकीय प्राथमिक विधालय डेड़पुरा में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र की दूरी नए भवन से करीब दो किलोमीटर है। इस केन्द्र के बच्चे वहां नहीं जा सकते। सवाल ये है कि फिर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों एवं कार्मिकों ने पट्टा क्यों मंजूर किया और जब भवन बनाया जा रहा था, तब विभाग ने आपत्ति क्यों नहीं जताई। कम से कम सरकार के लाखों रुपए की बचत तो हो जाती, लेकिन जब भवन बन चुका है। उद्घाटन भी हो चुका है, तब कहा जा रहा है कि आंगनबाड़ी केन्द्र दूर है। ग्रामीणों ने बताया कि उद्घाटन के बाद न तो सरपंच, प्रधान, जिला परिषद सदस्य एवं अन्य अतिथियों ने इसकी सुध ली और न ही जिला प्रमुख ने, जिससे भवन का उपयोग नहीं हो रहा है।
इनका कहना है...
आंगनबाड़ी केन्द्र, डेड़पुरा (कचौलिया) भवन के उद्घाटन करने के बाद यदि उसे चालू नहीं किया गया है तो मैं इसकी जानकारी लूंगा। बड़ा गम्भीर मामला है।
मूलचंद मीना, जिला प्रमुख, जिला परिषद जयपुर
मैंने हाल ही में कार्यभार संभाला है। इस नए भवन की भूमि का पट्टा कब मिला। इसकी जानकारी नहीं है। कल खुद जाकर जांच करूंगी। हकीकत क्या है।
भगवती यादव, कार्यवाहक सीडीपीओ, बस्सी
हां, उद्घाटन समारोह में गया था। अब तक आंगनबाड़ी केन्द्र शुरू नहीं हुआ है तो जांच करवाएंगे। यह भी जांच करवाऊंगा कि जब दो किलोमीटर दूर आंगनबाड़ी केन्द्र भवन के लिए भूमि आवंटित करवाई गई, तब दूरी का ध्यान महिला एवं बाल विकास विभाग ने क्यों नहीं दिया।
गणेशनारायण शर्मा, प्रधान, पंचायत समिति बस्सी
Updated on:
23 Nov 2017 09:12 pm
Published on:
23 Nov 2017 09:09 pm
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