
ढिंढोल में विदेशी अंजीर की उम्मीद
देसी से ढाई गुना बडा है आकार
दो प्रयोग के पश्चात सेंटर पर इस वर्ष अंजीर के साढ़े छ: हजार पौधे तैयार किए गए। इन्हें आयातित कलमों से पौधे तैयार कर शेडनेट में प्रायोगिक तौर पर लगाया गया। एक बार पौधे लगाने के पश्चात तीन वर्ष तक लगातार पैदावार ली गई। देसी अंजीर के मुकाबले इनका आकार ढाई गुना बड़ा है। इसके फल स्वादिष्ट एवं मिठास से भरपूर हैं। किसानों के लिए यह मुनाफे वाली फसल है।
इजरायल से मंगवाई उन्नत कलमें
सेंटर के सहायक निदेशक (कृषि) डॉ. केदार प्रसाद शर्मा ने बताया कि वर्ष २०१८ में इजरायल से अंजीर की नई किस्म पिंक ब्राजीलियन की कलमें मंगवाई थीं। इंडो इजरायल प्रोजेक्ट के तहत चार वर्षों के अनुसंधान के पश्चात किसानों के लिए ये पौधे तैयार किए गए ।
किसानों को जल्द होंगे वितरित
वर्षा ऋतु में अंजीर के पौधे किसानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। अंजीर के पौधों का विकास कोकोपिट के माध्यम से वैज्ञानिक तरीके से किया गया है। विक्रय की दर 80 रुपए प्रति पौधा है। इस फसल को प्रोसेसिंग कर सूखे अंजीर भी तैयार किए गए हैं। फसल को सरंक्षित क्षेत्र शेडनेट में लगाने एवं उत्तम बिक्री व्यवस्था होने पर किसान की अच्छी आय होगी।
कुलदीप शर्मा — तूंगा
Published on:
22 Jun 2023 05:31 pm
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