
गुरुजी ने स्कूली बच्चों को पिलाया 1 करोड़ 75 लाख का दूध, अब चुकाना पड़ रहा भारी
बस्सी(जयपुर). राज्य सरकार की मिड डे मील के तहत पिछले सत्र से शुरू की गई 'अन्नपूर्णा दूध योजना'के लिए कहा जा सकता है। पिछले सत्र में योजना के तहत बच्चों को पिलाए जाने वाले दूध का भुगतान काफी दिनों में किया गया था और वैसा ही इस सत्र में हो रहा है। jaipur news बस्सी ब्लॉक की बात करें, तो यहां नए सत्र की शुरुआत से अब तक सीबीईओ कार्यालय को इस योजना का बजट नहीं मिला है। ऐसे में दुग्ध सहकारी समितियों का 1 करोड़ 75 लाख रुपए से अधिक का भुगतान लम्बित है। इधर, समितियों ने भी अब दूध देने के लिए हाथ खड़े कर दिए हैं।
जानकारी अनुसार बस्सी ब्लॉक में 273 राजकीय विधालयों के 21 हजार से अधिक विधार्थियों को दूध वितरण किया जा रहा है। बच्चों को तो जुलाई से अब तक दूध मिल रहा है, लेकिन दूध सप्लाई करने वाली समितियों को इसका भुगतान नहीं हो पा रहा है। jaipur news अब समितियों ने आनन-फानन में बैठक बुलाकर दूध की आपूर्ति नहीं करने की चेतावनी दे दी है। 'अन्नपूर्णा दूध योजना' की मॉनिटरिंग मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से हो रही है। यहां से दूध का बजट पीईईओ को डाला जाता है और वे इसे स्कूलों को वितरित करते हैं।
यहां दुग्ध सहकारी समितियों ने खड़े किए हाथ
देवगांव (जयपुर). क्षेत्र के सभी राजकीय विधालयों में दूध सप्लाई करने वाली दुग्ध सहकारी समितियों का भुगतान बकाया भुगतान है। इसके चलते आगामी दिनों में दूध की सप्लाई प्रभावित होने की संभावना बन रही है। दुग्ध समितियों ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बस्सी और संबंधित राजकीय विधालयों के संस्था प्रधानों को 5 दिन का अल्टीमेटम देते हुए बकाया भुगतान नहीं होने पर विधालयों में दूध सप्लाई बंद करने की चेतावनी दी है।समितियों की ओर से करीब 3 दर्जन से अधिक राजकीय विधालयों में दूध सप्लाई की जाती है।
ये है योजना
तत्कालीन सरकार ने 2 जुलाई 2018 को राजकीय विधालयों के कक्षा 1 से 8वीं तक के विधार्थियों के लिए मिड डे मील के तहत 'अन्नपूर्णा दूध योजना' की शुरुआत की। इसके तहत 1 से 5वीं कक्षा तक के बच्चों को 150 एमएल और 6 से 8वीं कक्षा तक के बच्चों को 200 एमएल दूध दिया जा रहा है। बस्सी ब्लॉक में इस योजना के जरिए 273 विधालयों के 23 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं लाभांवित हो रहे हैं।
फैक्ट फाइल (बस्सी ब्लॉक)
2 जुलाई को अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू
273 एमडीएम से लाभांवित होने वाले विधालय
23000 से अधिक विधार्थी हो रहे लाभांवित
37 रुपए प्रति लीटर हो रही है दूध की खरीद
30 लाख औसतन आता है महीने का खर्च
04 माह से नहीं मिल रहा दूध का बजट
1.75 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बाकी
इनका कहना है
एक तो पहले ही 37 रुपए प्रति लीटर दूध दे रहे हैं। उस पर भी चार से पांच माह की उधारी। ऐसे तो कैसे काम चलेगा। पशुओं को चारा आदि नकद में लाते हैं, इसलिए दूध का पैसा समय पर चाहिए।
-निजी डेयरी संचालक
दो दिन पहले योजना के भुगतान के संबंध में दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। डीओ एलिमेंट्री इस कार्य को देख रहे हैं। एक बार फिर कल उनसे बात कर व्यवस्था करवाएंगे।
-रतनसिंह यादव, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी
Published on:
13 Nov 2019 04:35 pm
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